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सोने की हॉलमार्किंग का कारोबार शुरू करने का मौका, मशीनों पर मिलेगी 75% तक सरकारी मदद

बीआईएस ने पांच साल के लिए मांगे आवेदन, पात्रता और समयसीमा पर रहेगी नजर

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: नई दिल्ली3 मिनट पढ़ें
प्रतीकात्मक चित्र
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सोने की शुद्धता जांचने और हॉलमार्किंग की सुविधा देने वाला सेंटर शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए सरकारी सहायता पाने का अवसर है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने वर्ष 2026 से 2031 की अवधि के लिए गोल्ड अस्सेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर (AHC) स्थापित करने के वास्ते एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं। इस पहल के तहत पात्र आवेदकों को मशीनरी और उपकरणों की लागत पर अधिकतम 75 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। हालांकि, सहायता की दर आवेदक की श्रेणी और सेंटर की लोकेशन के आधार पर तय होगी।

इन जिलों में खोलना होगा सेंटर

इस योजना का उद्देश्य उन जिलों में हॉलमार्किंग की सुविधा का विस्तार करना है, जहां पहले से कोई हॉलमार्किंग सेंटर संचालित नहीं है। ऐसे में इच्छुक आवेदकों को आवेदन से पहले संबंधित जिले में मौजूदा सेंटरों की स्थिति की जांच करनी होगी। योजना का लाभ निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही मिल सकेगा।

किसे कितनी मिलेगी सहायता ?

सामान्य क्षेत्रों में निजी सेंटर स्थापित करने वालों को मशीनरी लागत का 30 प्रतिशत, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) को 50 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान बताया गया है। वहीं, पूर्वोत्तर, विशेष श्रेणी वाले राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी सेंटरों के लिए यह सहायता 50 प्रतिशत तथा PSU के लिए 75 प्रतिशत तक हो सकती है।

इसका अर्थ है कि पात्र सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को विशेष क्षेत्रों में मशीनरी लागत पर अधिकतम 75 प्रतिशत सहायता मिल सकती है। यह अनुदान सेंटर स्थापित करने के कुल खर्च पर नहीं, बल्कि मशीनरी और उपकरणों की लागत पर लागू होगा।

आवेदन करने वालों के लिए जरूरी शर्त

योजना के तहत आवेदक या सेंटर के प्रमोटर का ज्वेलरी कारोबार अथवा आभूषण निर्माण से जुड़ा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए सेंटर को बीआईएस से मान्यता हासिल करना जरूरी होगा। इसलिए आवेदन से पहले पात्रता, स्थापना संबंधी नियमों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेना महत्वपूर्ण है।

आवेदन शुल्क और अंतिम तारीख

ईओआई जमा करने के लिए 1,000 रुपये प्रोसेसिंग फीस के साथ लागू जीएसटी भी देना होगा। दिए गए विवरण के अनुसार, आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 18 नवंबर 2026 है। इच्छुक आवेदकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

गोल्ड अस्सेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर स्थापित करने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह पहल नए जिलों में कारोबार शुरू करने का अवसर बन सकती है। हालांकि, अनुदान पाने के लिए निर्धारित पात्रता और बीआईएस की मान्यता संबंधी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

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