भारत-EU व्यापार समझौते को लागू करने की तैयारी तेज, ब्रसेल्स में हुई अहम बातचीत
बाजार पहुंच, कस्टम प्रक्रिया और सप्लाई चेन पर चर्चा, 2027 के मध्य तक समझौता लागू करने का लक्ष्य

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लागू करने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में ब्रसेल्स में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में दोनों पक्षों ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने, बाजार में पहुंच बढ़ाने और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने यूरोपीय आयोग के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात कर समझौते से जुड़े व्यावहारिक और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर चर्चा की।
अग्रवाल की व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा महानिदेशालय (DG TRADE) की महानिदेशक डिट्टे जूल जोर्गेनसेन के साथ बैठक में भारतीय और यूरोपीय कंपनियों के लिए कारोबारी अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने संतुलित और पारस्परिक लाभ वाले समझौते के प्रति प्रतिबद्धता जताई। वहीं, कस्टम संघ महानिदेशालय (DG TAXUD) के महानिदेशक गेरासिमोस थॉमस के साथ बातचीत में डिजिटल और पारदर्शी कस्टम व्यवस्था विकसित करने पर सहमति बनी, ताकि कारोबारियों की लागत घटे और माल की आवाजाही सुगम हो।
दिसंबर में हस्ताक्षर की संभावना
भारत और EU ने 27 जनवरी 2026 को 16वें शिखर सम्मेलन के दौरान FTA वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस अवसर पर मौजूद थे। फिलहाल समझौते की कानूनी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। दिसंबर 2026 के मध्य में हस्ताक्षर और 2027 के मध्य तक इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
समझौते के तहत यूरोपीय बाजार में भारतीय निर्यात के 99 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर शुल्क समाप्त करने का प्रस्ताव है। इससे कपड़ा, चमड़ा और आभूषण जैसे श्रम आधारित उद्योगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर, भारत यूरोपीय उत्पादों के 96 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर शुल्क कम करेगा। इसमें सालाना 2.5 लाख वाहनों के कोटे के तहत ऑटोमोबाइल शुल्क को चरणबद्ध ढंग से 10 प्रतिशत तक लाने का प्रावधान शामिल है।
हीरा कारोबार और निवेश पर भी चर्चा
वाणिज्य सचिव ने एंटवर्प के हीरा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक आपूर्ति शृंखला, प्रमाणन, जिम्मेदार सोर्सिंग और ट्रेसिबिलिटी जैसे विषयों पर बातचीत की। रत्न एवं आभूषण कारोबार में एंटवर्प, मुंबई और सूरत के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी सामने आईं। बिजनेसयूरोप की गोलमेज बैठक में निवेश, व्यापारिक संबंधों और आपूर्ति शृंखला को अधिक मजबूत बनाने पर विचार हुआ। इसके अलावा DG INTPA के महानिदेशक कोएन डोएन्स के साथ सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीक के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की गई।
140 अरब डॉलर तक पहुंचा व्यापार
वर्ष 2024-25 में भारत और EU के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 136.54 अरब डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर था। सेवाओं का कारोबार भी लगभग 83.10 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। पिछले एक दशक में दोनों पक्षों का व्यापार दोगुना हुआ है। नए समझौते से आर्थिक साझेदारी को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।



