मध्यप्रदेश में तीन महीने में तीसरा शराब कांड, देवास में 13 मौतों से मचा हड़कंप
जहरीली शराब के आरोप और प्रशासन के दावे के बीच मौतों की वजह पर सवाल

मध्यप्रदेश में शराब से जुड़ी मौतों का एक और मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच 13 मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जहरीली शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी और बाद में उनकी जान चली गई। इस घटना ने शराब की गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
मृतकों के परिजनों के मुताबिक, शराब पीने के बाद कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। वहीं, अन्य लोगों की हालत भी गंभीर हो गई थी। परिजनों ने इन घटनाओं को जहरीली शराब से जोड़ते हुए मौतों के पीछे इसी को कारण बताया है।
लगातार सामने आए इन घटनाक्रमों के बीच शराब के सेवन से होने वाले नुकसान और उसकी बिक्री पर निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई है। देवास की घटना ने एक बार फिर इस विषय को चर्चा में ला दिया है।
मौतों की वजह पर अलग-अलग दावे
इस मामले में मृतकों के परिजनों और प्रशासन के दावों में अंतर सामने आया है। जहां परिजन जहरीली शराब पीने को मौतों की वजह बता रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि मौतें अत्यधिक शराब सेवन के कारण हुई हैं।
मौतों के कारणों को लेकर सामने आए इन अलग-अलग दावों के बीच वास्तविक वजह का स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है। घटना ने क्षेत्र में शराब की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।



