सीएम मोहन यादव ने बताया, सोया उद्योग में तेजी से आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश
खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सोयाबीन उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय 9वें अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव में शामिल हुए।
देश के सोयाबीन उत्पादन में मध्य प्रदेश की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश के किसानों ने सोयाबीन उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकार का लक्ष्य कृषि उत्पादकता में सुधार के साथ किसानों की आय बढ़ाना और कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार करना है।
निवेश और औद्योगिक विकास पर जोर
डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। उनके अनुसार, पिछले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावों के धरातल पर उतरने की जानकारी भी उन्होंने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने जबलपुर, भोपाल और इंदौर क्षेत्र को जोड़ने वाले औद्योगिक कॉरिडोर का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विस्तार से कृषि उपज के भंडारण, प्रसंस्करण, विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन किसानों की आय, खाद्य तेल उद्योग और प्रोटीन आधारित पोषण व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रसंस्करण, गुणवत्ता और उत्पाद विविधीकरण के जरिए भारत को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
500 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव का विषय “आत्मनिर्भर भारत – पावरिंग द ऑयल एंड प्रोटीन विजन” है। इसमें देश-विदेश के 500 से अधिक प्रतिनिधि, नीति निर्माता, कृषि वैज्ञानिक, उद्योग जगत के सदस्य और किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सोयाबीन उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कंपनियों और उनके प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सोपा चेयरमैन नरेश गोयनका और उद्योग जगत से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।



