किसानों की समृद्धि के लिए नए रास्ते खोलने में जुटी सरकार, सीएम डॉ. यादव ने बताए कृषि विकास के लक्ष्य
कटनी में नई फसलों और काजू प्रोसेसिंग के प्रयोगों की सराहना, सिंचाई व आधुनिक खेती पर जोर

मध्यप्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ कृषि के नए क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कटनी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कटनी के किसानों द्वारा चिया सीड, अश्वगंधा और काजू प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयोगों को कृषि विकास के सकारात्मक संकेत बताया।
सिंचाई परियोजनाओं से खेती को विस्तार देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा घाटी की सिंचाई परियोजनाओं से मालवा और निमाड़ में कृषि का विस्तार हुआ है। इसी तरह सतना और कटनी क्षेत्र में भी सिंचाई सुविधाओं के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। स्लीमनाबाद सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के किसानों के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि कटनी की पहचान खनिज क्षेत्र के रूप में रही है, लेकिन अब यहां आधुनिक खेती और कृषि आधारित कारोबार के अवसर भी विकसित हो रहे हैं।
प्राकृतिक खेती के साथ पशुपालन को बढ़ावा
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही हैं। पशुपालन और मत्स्यपालन को भी किसानों की समृद्धि से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दीपावली के दौरान गोवर्धन पूजन के अवसर पर प्रदेश के वृंदावन गांवों में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गायों के पालकों को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
नरवाई प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर सहायता
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कटनी के उन्नतशील किसानों से संवाद कर खेती में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ली। बहोरीबंद के किसान गोविंद पटेल ने बताया कि हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों से नरवाई प्रबंधन में मदद मिल रही है। किसानों को नए यंत्र खरीदने के लिए सरकारी सब्सिडी भी दी जा रही है। उनके अनुसार, योजना के तहत 1.90 लाख रुपये तक के नए कृषि यंत्रों पर 90 हजार रुपये की सब्सिडी मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां नरवाई प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों की जरूरत है। इसके बाद संबंधित किसानों को यंत्र उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाए।
काजू प्रसंस्करण से किसान ने बढ़ाया कारोबार
कटनी के किसान संकेत नवानी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई) के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद उन्होंने काजू प्रसंस्करण का काम शुरू किया। इससे उन्हें मुनाफा होने लगा है। अब वे काजू की ग्रेडिंग, कटिंग और बिक्री के क्षेत्र में कारोबार बढ़ा रहे हैं।
किसान रामरूप पटेल ने बताया कि उनके पास आठ एकड़ कृषि भूमि है। वे मिर्च, बैंगन, धान और गेहूं के साथ बागवानी भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसान चंद्रभान कुशवाह सहित अन्य किसानों से भी बातचीत की और उनके अनुभव जाने।
मुख्यमंत्री के संबोधन में सिंचाई, आधुनिक कृषि यंत्रों, नई फसलों, प्रसंस्करण और पशुपालन के जरिए किसानों के लिए आय के नए अवसर विकसित करने पर जोर रहा।



