सीएम मोहन यादव ने धार में किया 2387 करोड़ की सिंचाई परियोजना का लोकार्पण, 72 हजार किसानों को होगा फायदा
260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर जमीन तक पहुंचेगा पानी, किसानों के खातों में 317.86 करोड़ रुपये भी भेजे

मध्यप्रदेश के धार और झाबुआ जिले के किसानों के लिए सिंचाई के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 24 अक्टूबर को धार में 2387.60 करोड़ रुपये की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। इससे दोनों जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रबी वर्ष 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खातों में 317.86 करोड़ रुपये की राशि भी अंतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में लगभग साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो वर्ष 2023 तक बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हुई। उनके अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में सिंचित क्षेत्र का रकबा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है।
भूमिगत पाइप से खेतों तक पहुंचेगा पानी
परियोजना के तहत नर्मदा नदी से पानी उठाकर माही नदी में छोड़ा जाएगा। इसके बाद भूमिगत पाइप नहर प्रणाली से खेतों तक दबावयुक्त जल पहुंचाया जाएगा। योजना में 2.5 हेक्टेयर तक के चक में 20 मीटर दबावयुक्त पानी देने का प्रावधान है। किसान स्प्रिंकलर और ड्रिप प्रणाली से सिंचाई कर सकेंगे। इससे कम पानी में सिंचाई करने और खेतों को समतल करने की जरूरत कम करने में मदद मिलेगी।
परियोजना से धार जिले के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर और झाबुआ जिले के 194 गांवों की 32 हजार हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। परियोजना में 102.30 मेगावाट बिजली की खपत प्रस्तावित है।
188 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री ने करीब 188 करोड़ रुपये के 35 नए विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। इसके अलावा चार पुलों, विद्यालय भवनों और 50 बिस्तरों वाले अस्पताल सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया गया। अमका-झमका माता मंदिर के विकास के लिए तीन करोड़ रुपये के कार्य भी इसमें शामिल हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि धार को जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। उन्होंने पीएम मित्र पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे निमाड़-मालवा क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
डेयरी शुरू करने पर अनुदान का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 25 गाय-भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करने वाले किसानों को 10 लाख रुपये का अनुदान देने की योजना शुरू की गई है।
कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



