CM डॉ. मोहन यादव ने बैतूल को दी 600 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 30 करोड़ से अधिक का बोनस, सिंचाई से लेकर खेल और पर्यटन सुविधाओं तक कई बड़ी घोषणाएं

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में विकास योजनाओं को विस्तार देने के साथ ही वन उपज से जुड़े परिवारों को आर्थिक राहत देने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन में चार जिलों के 3.69 लाख संग्राहकों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि अंतरित की। इस दौरान ग्राम वन समितियों को 13 करोड़ रुपये से अधिक का काष्ठ लाभांश भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने जिले के लिए 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देने के साथ करीब 600 करोड़ रुपये से अधिक के नए कार्यों की घोषणाएं कीं।
सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बैतूल में 154 करोड़ रुपये की रामघाटी मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी देने की घोषणा की। इसके अलावा 70 करोड़ रुपये से चार जलाशय बनाए जाएंगे। घोड़ाडोंगरी में बैराज और जलाशय निर्माण, नलजल योजनाओं के लिए 50 करोड़ तथा सड़क चौड़ीकरण के लिए 47 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया गया।
शिक्षा और खेल सुविधाओं का होगा विस्तार
जनजातीय बेटियों के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से कन्या शिक्षा परिसर और छात्रावास का भूमिपूजन किया गया। शासकीय हाईस्कूलों में 50 करोड़ रुपये से सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। फुटबॉल टर्फ, इनडोर-आउटडोर खेल सुविधाओं और क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। बैतूल में जनजातीय संग्रहालय भी बनाया जाएगा।
पर्यटन और रोजगार पर भी नजर
कुकरू-खामला में 15 करोड़ रुपये से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और कॉफी के बागान विकसित किए जाएंगे। ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट में सात करोड़ रुपये से सफारी गेट और तीन करोड़ रुपये से बटरफ्लाई पार्क बनाया जाएगा। बैतूल-मुलताई में 24 करोड़ रुपये के नए कारखाने स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के साथ रोजगार सृजन के लिए भी तैयार कर रही है। अब तक 85 हजार सरकारी पदों पर नियुक्तियां की गई हैं और एक लाख नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने जनजातीय परिवारों और किसानों से पशुपालन तथा मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देकर आय में वृद्धि करने का भी आह्वान किया।



