सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में लापरवाही पड़ी भारी, जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर कार्यालय में टीएल बैठक के दौरान विभागवार समीक्षा, आवेदकों को संतुष्टिपूर्ण समाधान देने के निर्देश

इंदौर, सोमवार, 2 नवम्बर। सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निराकरण में अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का समाधान नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी विभागों को शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कर उन्हें संतुष्टिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा
कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को समय-सीमा पत्रों के निराकरण (टीएल) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों में लंबित समय-सीमा पत्रों और जनसमस्याओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों को अनावश्यक रूप से आगे बढ़ाने के बजाय तय समय में उनका निराकरण सुनिश्चित करें।
शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि पर जोर
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आवेदकों को उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान मिलना जरूरी है। इसके लिए सभी विभाग अपने स्तर पर लंबित शिकायतों की नियमित निगरानी करें और प्राथमिकता के आधार पर उनका निपटारा करें।
टॉप-10 में बने रहने का लक्ष्य
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन के मामलों के समाधान में मध्यप्रदेश के टॉप-10 जिलों में इंदौर की स्थिति बनी रहे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा गया।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन पवार और रिंकेश वैश्य, वनमंडलाधिकारी सुधाकर सिंह, नगर निगम के अपर आयुक्त आकाश सिंह और प्रखर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।



