SIR पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने मैदान में उतरेगी BJP, तीन शहरों में बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
इंदौर में मनसुख मांडविया और भोपाल में राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना, 5 नवंबर तक प्रदेशभर में चलेंगे कार्यक्रम

मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी टकराव तेज होने के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के विरोध का जवाब देने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया है। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत भाजपा मतदाता सूची की शुद्धता और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष जनता तक पहुंचाएगी। पार्टी ने इसके लिए इंदौर, जबलपुर और भोपाल में बड़ी पदयात्राओं की तैयारी की है। इन आयोजनों में केंद्रीय नेताओं की भागीदारी के जरिए अभियान को राजनीतिक धार देने की रणनीति बनाई गई है।
इंदौर से शुरू होगा पदयात्राओं का सिलसिला
अभियान के तहत पहली बड़ी पदयात्रा शुक्रवार, 30 अक्टूबर को इंदौर में निकाली जाएगी। यह यात्रा सुभाष नगर से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंचेगी। इसमें केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।
जबलपुर और भोपाल में भी जुटेंगे नेता
जबलपुर में सोमवार, 2 नवंबर को पदयात्रा आयोजित करने की तैयारी है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अथवा राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन को आमंत्रित करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, राजधानी भोपाल में बुधवार, 4 नवंबर को अटल पथ से रोशनपुरा चौराहे तक पदयात्रा प्रस्तावित है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
पदयात्राओं के साथ जनसंपर्क पर जोर
भाजपा के आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, अभियान 22 अक्टूबर से शुरू होकर गुरुवार, 5 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान पदयात्राओं के अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद, युवा एवं विद्यार्थी सम्मेलन और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार किया जाएगा। पार्टी का जोर एसआईआर के समर्थन में जनमत तैयार करने और कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने पर रहेगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक निजी विमान से भोपाल से दिल्ली रवाना हुए हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकातें प्रस्तावित हैं।



