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भोपाल में बनेगा पश्चिमी भारत के बिजली ग्रिड का नियंत्रण केंद्र, 305 करोड़ की परियोजना पर तैयारी तेज

एयरोसिटी में दो साल के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
भोपाल एयरोसिटी में प्रस्तावित आधुनिक बिजली ग्रिड कंट्रोल सेंटर का  प्रतीकात्मक चित्र
भोपाल एयरोसिटी में प्रस्तावित आधुनिक बिजली ग्रिड कंट्रोल सेंटर का प्रतीकात्मक चित्र
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देश के पश्चिमी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था के नियंत्रण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण केंद्र अब भोपाल की एयरोसिटी में आकार लेगा। ग्रिड कंट्रोल ऑफ इंडिया लिमिटेड के लिए प्रस्तावित इस कॉम्प्लेक्स पर करीब 305 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) को इसका निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। परियोजना को लगभग दो साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

निर्माण शुरू करने से पहले अनुमतियों पर जोर

परियोजना को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने संबंधित प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने पर जोर दिया है। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को 20 नवंबर तक सभी आवश्यक शासकीय अनुमतियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही निर्माण कार्य तय समय पर शुरू कराने की तैयारी करने को कहा गया।

इस परियोजना के लिए ग्रिड इंडिया के साथ ‘कॉन्सेप्ट टू कंप्लीशन’ समझौता किया जा चुका है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब निर्माण से पहले जरूरी औपचारिकताओं को समयसीमा में पूरा करना अगला महत्वपूर्ण चरण है।

कई विभागों से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी

कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा और पर्यावरणीय स्वीकृति सहित विभिन्न अनुमतियां आवश्यक हैं। इसके अलावा भूमि उपयोग में परिवर्तन, ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन और बिजली के खंभों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने जैसे कार्य भी किए जाने हैं।

बैठक में इन सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि निर्माण कार्य शुरू करने में अनावश्यक देरी न हो।

पश्चिमी क्षेत्र के ग्रिड का होगा संचालन

एयरोसिटी में बनने वाले इस केंद्र से देश के पश्चिमी क्षेत्र के बिजली ग्रिड को नियंत्रित किया जाएगा। परियोजना को अपनी तरह का देश का पहला कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स बताया गया है। करीब 305 करोड़ रुपये की लागत और दो साल की निर्धारित निर्माण अवधि के साथ यह परियोजना भोपाल में बिजली ग्रिड नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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