भोपाल में अब बिना ट्रैफिक रोके सुधरेंगी सड़कें, नई मशीन से 25 मिनट में होगा पेचवर्क
डामर गर्म करने की जरूरत नहीं, निगम ने शुरू की नई तकनीक से गड्ढे भरने की व्यवस्था

भोपाल की सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत के दौरान लगने वाले जाम से अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने सड़क सुधार के लिए नई तकनीक अपनाते हुए जीआईपीसेट अस्फाल्ट तकनीक पर आधारित इंस्टा रोड पेचर मशीन से काम शुरू कर दिया है। इस मशीन की मदद से व्यस्त मार्गों पर भी कम समय में गड्ढों की मरम्मत की जा सकेगी। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में डामर को मौके पर गर्म करने की आवश्यकता नहीं होगी।
नगर निगम के अनुसार, मशीन से लगभग 10 गुणा 10 फीट के हिस्से का पेचवर्क महज 20 से 25 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इससे मरम्मत के दौरान सड़क के बड़े हिस्से को बंद रखने और यातायात रोकने की जरूरत कम होगी। पारंपरिक तरीके की तुलना में इस तकनीक में समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
पहले से तैयार मिश्रण से भरे जाएंगे गड्ढे
इस तकनीक में सबसे पहले सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से से धूल, मिट्टी और ढीली गिट्टी हटाई जाती है। इसके बाद विशेष डामर मिश्रण को गड्ढे में डालकर मशीन की सहायता से फैलाया और दबाया जाता है। मिश्रण को पहले से तैयार रखा जाता है, इसलिए मौके पर डामर गर्म करने की प्रक्रिया नहीं करनी पड़ती। पैच को सड़क की सतह के बराबर करने के बाद मार्ग को जल्द यातायात के लिए खोला जा सकता है।
महापौर ने किया शुभारंभ, मंत्री ने भी देखा काम
महापौर मालती राय ने शनिवार को गुलमोहर कॉलोनी में इस मशीन के जरिए सड़क मरम्मत कार्य की शुरुआत की। नगर निगम का उद्देश्य नई तकनीक के माध्यम से शहर की खराब सड़कों को तेजी से दुरुस्त करना है।
वहीं, मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार सुबह नरेला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने द्वारका नगर में इंस्टा रोड पेचर मशीन से किए जा रहे सड़क सुधार कार्य का निरीक्षण किया और नगर निगम के कार्यपालन यंत्री एके साहनी से तकनीक की जानकारी ली।
सारंग ने श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में सफाई अभियान में भी हिस्सा लिया। दीपावली से पहले विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने परिसर में साफ-सफाई की।
नई मशीन से मरम्मत का काम कितनी तेजी से होता है, यह तो सामने आएगा ही, लेकिन तैयार किए गए सड़क पैच कितने समय तक टिकाऊ रहते हैं, इस पर भी निगम की नई व्यवस्था की प्रभावशीलता निर्भर करेगी।



