एक रुपये में फिल्म डाउनलोड का ऑफर पड़ सकता है भारी, भोपाल में दो लोगों से 89 हजार की ठगी
फर्जी वेबसाइट पर भुगतान के बहाने बैंकिंग जानकारी हासिल कर रहे साइबर ठग, पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह

नई फिल्म या वेब सीरीज महज एक रुपये में डाउनलोड करने का लालच लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को फर्जी वेबसाइट तक पहुंचाते हैं और फिर भुगतान के नाम पर बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर खातों से रकम निकाल लेते हैं। भोपाल में इस तरीके से दो लोगों के साथ कुल 89 हजार रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
एक रुपये के भुगतान के बहाने ठगी
साइबर ठग इंटरनेट मीडिया पर नई फिल्मों और वेब सीरीज को बेहद कम कीमत में डाउनलोड करने के विज्ञापन प्रसारित करते हैं। ऑफर आकर्षक लगने पर लोग संबंधित लिंक खोलते हैं और उन्हें भुगतान के लिए फर्जी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है।
इस प्रक्रिया में लोगों को एक रुपये का भुगतान करने के लिए कहा जाता है। इसी दौरान यूपीआई पिन या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी दर्ज कराने की कोशिश की जाती है। जानकारी हासिल होने या अनजाने में भुगतान को मंजूरी मिलने पर बैंक खाते से रकम निकल सकती है। कुछ मामलों में संदिग्ध एप डाउनलोड करवाकर मोबाइल की जानकारी हासिल करने का प्रयास भी किया जाता है।
भोपाल में दो लोग हुए शिकार
भोपाल में सामने आए मामलों में एयरपोर्ट रोड स्थित गुलमोहर गार्डन निवासी शहजाद से 50 हजार रुपये की ठगी हुई। वहीं, पिपलानी निवासी संतोष सेन को एक रुपये में फिल्म डाउनलोड करने का ऑफर भारी पड़ा और उनके साथ 39 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है।
इन तरीकों से बचें
साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान विज्ञापनों और संदिग्ध लिंक के जरिए फिल्म या वेब सीरीज डाउनलोड करने से बचना जरूरी है। मनोरंजन सामग्री देखने के लिए आधिकारिक ओटीटी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। किसी अनजान वेबसाइट पर यूपीआई पिन, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी दर्ज न करें। इसी तरह, अनजान स्रोत से एपीके फाइल डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।
पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने लोगों को इंटरनेट मीडिया पर कम कीमत में फिल्म डाउनलोड करने वाले विज्ञापनों से सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन साझा नहीं करना चाहिए।



