भोपाल में आकृति बिल्डर पर शिकंजा, राजीव सोनी को 15 दिन की जेल; निवेशकों की रकम लौटाने का दबाव
रेरा के जुर्माने की वसूली में पांच बार नाकामी के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई

भोपाल में निवेशकों की रकम से जुड़े मामले में जिला प्रशासन ने आकृति डेवलपर के प्रोपराइटर राजीव सोनी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। कोलार तहसीलदार की अदालत ने उन्हें 15 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है। रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के आदेश के बावजूद जुर्माने की राशि की वसूली नहीं हो पाने के बाद यह कार्रवाई की गई। तय अवधि में बकाया नहीं चुकाने पर सजा बढ़ाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
कुर्की के पांच प्रयास नाकाम
कोलार तहसीलदार यशवर्धन सिंह के अनुसार, आकृति बिल्डर यानी एजी-8 वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के डेवलपर राजीव सोनी, पिता पुरुषोत्तम दास सोनी, से रेरा के आदेश के तहत जुर्माने की राशि वसूल की जानी थी। इसके लिए उनकी संपत्तियों और प्लॉट को चिह्नित कर कुर्की की कार्रवाई के प्रयास किए गए।
इस मामले में पांच बार सुनवाई हुई, लेकिन वसूली नहीं हो सकी। संबंधित संपत्तियां बैंकों और अन्य संस्थानों के पास गिरवी होने के कारण कुर्की की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद अदालत ने राजीव सोनी को 15 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया।
निवेशकों की रकम वापसी पर नजर
प्रशासन अब बकाया राशि की वसूली पर जोर दे रहा है। 15 दिन के भीतर रकम नहीं लौटाने पर सजा बढ़ाने की कार्रवाई की जा सकती है। प्रदेश में निवेशकों की रकम से जुड़े मामले में किसी बिल्डर को जेल भेजने की यह दूसरी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले कोलार तहसील कोर्ट ने सरवेश बिल्डर विवेक मिश्रा को भी जेल भेजा था।
आकृति बिल्डर्स की परियोजनाओं पर पहले भी विवाद
आकृति बिल्डर्स से जुड़ी एजी-8 वेंचर्स की परियोजनाओं में घर खरीदारों की शिकायतें, अधूरे निर्माण और बिजली व्यवस्था से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं। आकृति एक्वासिटी परियोजना में वर्ष 2011 से 2017 के बीच कई खरीदारों ने फ्लैट बुक किए थे। कब्जा नहीं मिलने और जमा रकम के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ।
दिसंबर 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने एजी-8 वेंचर्स से जुड़े दिवाला प्रक्रिया के मामले में अपील स्वीकार की थी। इससे पहले रेरा ने परियोजना का पंजीयन रद्द करने और खरीदारों की रकम लौटाने से जुड़े आदेश दिए थे।



