बदनावर-पेटलावद-थांदला फोरलेन का काम शुरू, 80 किमी सड़क से बदलेगी कनेक्टिविटी
शुरुआती 10 किमी हिस्से में लेवलिंग शुरू

मध्य प्रदेश में बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी फोरलेन (एनएच-752डी) परियोजना अब धरातल पर आकार लेने लगी है। पेटलावद मार्ग पर पिपलीपाड़ा के आगे निर्माण एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में करीब 10 किलोमीटर हिस्से में सड़क की लेवलिंग की जा रही है। करीब 80.45 किलोमीटर लंबा यह मार्ग क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के साथ उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
3,839 करोड़ रुपये की परियोजना
इस फोरलेन परियोजना की अनुमानित लागत 3,839.42 करोड़ रुपये बताई गई है। निर्माण का ठेका गुजरात की कंपनी जीएचवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। सड़क का अलाइनमेंट मौजूदा मार्ग को उन्नत करने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बाईपास विकसित करने के आधार पर तैयार किया गया है।
पीएम मित्रा पार्क को मिलेगा लाभ
भैंसोला में विकसित हो रहे पीएम मित्रा पार्क के लिए भी यह सड़क महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक गतिविधियों, माल परिवहन और क्षेत्रीय आवागमन को गति मिलने की संभावना है। परियोजना पूरी होने के बाद धार और झाबुआ जिलों के ग्रामीण तथा आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिल सकती है।
मुआवजे को लेकर निर्माण प्रभावित
माही नदी के पास मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत को लेकर कुछ लोगों ने सड़क निर्माण का काम रुकवा दिया है। ऐसे में परियोजना को निर्धारित गति से आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विवाद का समाधान महत्वपूर्ण होगा।
सिंहस्थ 2028 से पहले बढ़ी अहमियत
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए इस मार्ग की उपयोगिता और बढ़ गई है। परियोजना पूरी होने पर उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक यात्रा में करीब एक घंटे की बचत होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक लाभ सड़क निर्माण पूरा होने और मार्ग चालू होने के बाद ही सामने आएगा।



