अयोध्या का दीपोत्सव दुनिया को दे रहा त्याग और मर्यादा का संदेश, सीएम योगी ने बताई इसकी खासियत
दसवें दीपोत्सव पर मुख्यमंत्री की ‘योगी की पाती’, आस्था के साथ सेवा, स्वदेशी और विकास पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहा अयोध्या का दीपोत्सव केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा और समर्पण जैसे जीवन मूल्यों का संदेश भी दे रहा है। दसवें भव्य दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए पर्व के आध्यात्मिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित किया।
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम की नगरी अयोध्या दसवें दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार है। प्रभु श्रीराम के वनवास से लौटकर अयोध्या आगमन की स्मृति से जुड़ा यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। दीपक की छोटी-सी लौ भी कठिन परिस्थितियों में उम्मीद जगाने और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
भरत के त्याग में छिपा है शासन का वास्तविक अर्थ
मुख्यमंत्री ने रामायण के भरत प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भरत जी ने 14 वर्षों तक राजसुख का त्याग किया और प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित कर अयोध्या का शासन चलाया। यह प्रसंग बताता है कि सत्ता का उद्देश्य अधिकार जताना नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। अयोध्या का दीपोत्सव इसी त्याग और मर्यादा की भावना को दुनिया तक पहुंचा रहा है।
आस्था के साथ रोजगार और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा
योगी ने कहा कि सरयू तट पर दीपमालाओं और राम की पैड़ी पर लाखों दीपों का प्रकाश अयोध्या को अलौकिक स्वरूप प्रदान करता है। ड्रोन से होने वाली आकाशीय प्रस्तुतियां और कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन की भव्यता बढ़ाती हैं। उनके अनुसार, आस्था और जनभागीदारी को विकास से जोड़कर उत्तर प्रदेश ने उत्सवों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है। सुरक्षा, निवेश, रोजगार और समृद्धि एक-दूसरे से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम बताते हुए कहा कि इससे मिट्टी के दीप बनाने वाले कुम्हारों, फूल विक्रेताओं, होटल कारोबारियों और स्थानीय व्यापारियों को भी आर्थिक अवसर मिलते हैं।
जरूरतमंद परिवारों की दीपावली रोशन करने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की दीपावली भी खुशियों से भरें। सामर्थ्य के अनुसार उन्हें दीपक, मिठाई और नए कपड़े भेंट करें। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच अपनाने, नकारात्मकता से दूर रहने और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही स्थानीय कारीगरों के बनाए दीप और अन्य उत्पाद खरीदकर उनके श्रम को प्रोत्साहन देने की बात कही।
योगी ने प्रदेशवासियों से परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचकर दीपोत्सव की भव्यता देखने का आह्वान किया। उन्होंने कामना की कि हर घर में खुशहाली, समाज में सद्भाव और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में प्रगति के नए अवसर आएं।



