धीरेंद्र शास्त्री की रथ यात्रा में शामिल हुए अनिरुद्धाचार्य, जातिगत भेदभाव मिटाने की अपील
बोले- छुआछूत की करो विदाई

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज भी शामिल हुए। 15 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के सागर में यात्रा के दौरान उन्होंने जातिगत भेदभाव और छुआछूत समाप्त करने की अपील की। उन्होंने समाज में आपसी एकता, सम्मान और भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया।
बागेश्वर धाम से शुरू हुई रथ यात्रा
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 11 अक्टूबर को छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। यात्रा का मार्ग अजयगढ़, पन्ना, अमानगंज, पवई, सागर, दमोह, हटा और टीकमगढ़ से होकर निर्धारित किया गया था। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों और सभाओं का आयोजन किया गया।
चारों वर्णों को बताया एक पिता की संतान
यात्रा के दौरान संबोधन में अनिरुद्धाचार्य महाराज ने ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र का उल्लेख करते हुए कहा, “ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र, हम चारों एक पिता की संतान हैं।” उन्होंने लोगों से जातिगत भेदभाव छोड़ने और आपसी मतभेद दूर कर मिल-जुलकर रहने की अपील की।
धर्मांतरण का भी किया जिक्र
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने सामाजिक एकता की जरूरत बताते हुए कहा, “यदि हम सब मिलकर नहीं रहे तो कुछ लोग धर्मांतरण कराकर हमारे भाइयों को हमारे खिलाफ खड़ा करेंगे।” उन्होंने लोगों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट रहने का आह्वान किया।
छुआछूत समाप्त करने की अपील
कथावाचक ने छुआछूत के खिलाफ नारा देते हुए कहा, “छुआछूत की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।” उन्होंने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि वे जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करेंगे और समाज में सभी के प्रति सम्मान का भाव रखेंगे।



