यूसुफ पठान को 14 साल बाद बड़ी राहत, वडोदरा के 20.53 करोड़ के प्लॉट पर सरकार की मंजूरी
978 वर्ग मीटर जमीन का रास्ता साफ, नगर निगम की अंतिम मुहर बाकी

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार ने वडोदरा में 978 वर्ग मीटर के विवादित प्लॉट के आवंटन की मंजूरी दे दी है। करीब 14 साल से चल रहे इस मामले में राज्य सरकार के फैसले के बाद जमीन मिलने का रास्ता आगे बढ़ा है। हालांकि, प्लॉट का कब्जा हासिल करने के लिए वडोदरा नगर निगम की शेष प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
यह जमीन पठान के तांदलजा स्थित आवास के पास है। प्लॉट आवंटन को लेकर वर्ष 2012 में शुरू हुई प्रक्रिया लंबे समय तक विवादों और कानूनी कार्यवाही में उलझी रही। अब राज्य सरकार की मंजूरी के बाद मामला नगर निगम की स्थायी समिति के समक्ष रखे जाने की प्रक्रिया में है।
20.53 करोड़ रुपये आंकी गई जमीन की कीमत
तांदलजा क्षेत्र के टीपी-22 में फाइनल प्लॉट नंबर 90 के तहत आने वाली 978 वर्ग मीटर जमीन का मूल्यांकन 2.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किया गया था। इस हिसाब से इसकी कुल कीमत करीब 20.53 करोड़ रुपये आंकी गई। आवंटन से जुड़ी आगे की प्रक्रिया में राशि का भुगतान भी अहम होगा।
वडोदरा नगर निगम के आयुक्त अरुण बाबू के मुताबिक, राज्य सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। अब प्रस्ताव स्थायी समिति के सामने रखा जाएगा। पठान को कितनी राशि का भुगतान करना होगा, यह राज्य सरकार के आदेश का अध्ययन करने के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
2012 में शुरू हुई थी आवंटन की कवायद
यूसुफ पठान ने वर्ष 2012 में नगर आयुक्त को पत्र लिखकर अपने बंगले के पास स्थित इस जमीन के आवंटन की मांग की थी। इसके बाद 30 मार्च और 8 जून 2012 को हुई बैठकों में प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। उस समय सार्वजनिक नीलामी के बिना जमीन 99 साल की लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
हालांकि, वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने बिना सार्वजनिक नीलामी के प्लॉट आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद जमीन को लेकर विवाद बना रहा।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
वर्ष 2024 में नगर निगम ने पहले प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने का हवाला देते हुए कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का आदेश दिया था। यूसुफ पठान ने इस फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 21 अगस्त 2025 को उनकी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जमीन के वैध आवंटन और भुगतान के बिना सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर सवाल उठाए थे। पठान के वकील ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को जमीन आवंटित करने संबंधी राज्य सरकार की नीति के आधार पर दलीलें रखने के लिए समय मांगा था।
इसके बाद 31 अगस्त 2026 को पठान ने अदालत में दायर अपनी अपील वापस ले ली। अब राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि, जमीन का अंतिम आवंटन और कब्जा नगर निगम की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।



