मिठाई, मोमोज और चटनी में कौन से रंग नहीं चलेंगे? यूपी में खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश
रोडामाइन-बी पर रोक, रंगों की मात्रा और खरीद के रिकॉर्ड पर भी निर्देश

मिठाई, नमकीन, मोमोज और चटनी को आकर्षक रंग देने के लिए अब मनमाने रासायनिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने खाद्य कारोबारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत खाद्य पदार्थों में केवल अनुमन्य रंगों का ही निर्धारित सीमा के भीतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। रोडामाइन-बी समेत गैर-खाद्य रंगों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
चटनी से लेकर कबाब तक पर नजर
इन निर्देशों का पालन हलवाई, खाद्य निर्माता, होटल-रेस्टोरेंट संचालक, बेकरी, ढाबे और रेहड़ी-पटरी पर खाद्य सामग्री बेचने वालों को करना होगा। समोसे, चाट, मोमोज और रोल के साथ परोसी जाने वाली हरी-लाल चटनी के अलावा कॉटन कैंडी, बर्फ के गोले, चिकन टिक्का, कबाब और तली हुई मछली में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल की सलाह
एफएसडीए ने कारोबारियों को टमाटर, चुकंदर, धनिया और पुदीने जैसी खाद्य सामग्री से प्राकृतिक रंग और स्वाद प्राप्त करने की सलाह दी है। रंगों की मात्रा का सही माप सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल वेइंग स्केल का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।
खरीद के बिल और बैच नंबर रखने होंगे सुरक्षित
कारोबारियों को अधिकृत स्रोतों से ही रंग खरीदने और उनकी पैकेजिंग, लेबल, आपूर्तिकर्ता का विवरण, खरीद बिल तथा बैच नंबर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। रोडामाइन-बी, मेटानिल येलो, बटर येलो, मैलाकाइट ग्रीन और अन्य प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल पर रोक के साथ खाद्य पदार्थों की विभिन्न श्रेणियों में रंगों से जुड़े नियमों का पालन भी जरूरी होगा।



