PM VIKAS योजना से अल्पसंख्यक युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, चार संस्थानों से हुआ समझौता
मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हजारों युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिक वाहन से लेकर AI और सौर ऊर्जा तक के क्षेत्रों पर जोर

अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है। प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (PM VIKAS) योजना के तहत चार संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन किए गए हैं। इनके माध्यम से मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हजारों युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योग आधारित कौशल और पारंपरिक हस्तकलाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी तैयार करना है।
नई दिल्ली में हुई योजना की समीक्षा
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने बुधवार को नई दिल्ली में ‘समावेश से विकास’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें मंत्रालय के अधिकारियों, प्रशिक्षण एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों ने योजना की प्रगति तथा रोजगार से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की। मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्यामा प्रसाद रॉय ने कहा कि कौशल विकास का लक्ष्य केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना और उनके भविष्य के अवसर बढ़ाना होना चाहिए।
मध्यप्रदेश के 2,400 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
पीथमपुर ऑटो क्लस्टर के साथ हुए समझौते के तहत मध्यप्रदेश के 2,400 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इनमें इलेक्ट्रिक वाहन सर्विस टेक्नीशियन, सीएनसी मिलिंग प्रोग्रामर, वेयरहाउस एसोसिएट और सप्लाई चेन एग्जीक्यूटिव जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल हैं।
छह हजार से अधिक उम्मीदवारों को तकनीकी प्रशिक्षण
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मैरीटाइम एंड शिपबिल्डिंग (CEMS) के माध्यम से सात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 6,300 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बिजनेस एनालिस्ट, वेयरहाउस सुपरवाइजर और एआई टेक्नोक्रेट जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
सौर ऊर्जा और पारंपरिक कला पर भी ध्यान
इंस्टीट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट के साथ साझेदारी के तहत उत्तर प्रदेश के 900 युवाओं को सोलर पीवी इंस्टॉलर का प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं, कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में 120 उम्मीदवारों को विलो शिल्पकला का 390 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नियुक्तियों और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर जोर
कार्यक्रम में मंत्रालय की निदेशक नेहा गिरि ने रोजगार उपलब्ध कराने, कंपनियों से संपर्क मजबूत करने और नियुक्तियों के सत्यापित आंकड़े समय पर प्रस्तुत करने की जरूरत बताई। प्रशिक्षण की गुणवत्ता की स्वतंत्र निगरानी के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और आईआईएम बेंगलुरु की भूमिका पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा प्लेसमेंट सुधारने के लिए ब्लूडॉट और उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया जुटाने के लिए वॉयस एआई तकनीक के उपयोग पर विचार किया गया। विरासत और पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी चर्चा का हिस्सा रहीं।
स्थायी आजीविका से जोड़ने की पहल
मंत्रालय के अनुसार, PM VIKAS योजना के जरिए अल्पसंख्यक युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उद्योगों से सीधा जुड़ाव और टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है।



