मलाबार-2026 में भारत समेत चार देशों की नौसेनाएं दिखाएंगी ताकत, जापान पहुंचा INS सह्याद्रि
हिंद-प्रशांत में समुद्री सहयोग को मिलेगी मजबूती, भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं करेंगी संयुक्त युद्धाभ्यास

भारत का स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मलाबार-2026 में शामिल होने के लिए जापान पहुंच गया है। इस अभ्यास में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं हिस्सा लेंगी। इसका प्रमुख उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य संचालन और चारों देशों के बीच आपसी तालमेल को अधिक प्रभावी बनाना है।
योकोसुका नौसैनिक अड्डे पर हुआ स्वागत
भारतीय नौसेना के अनुसार, आईएनएस सह्याद्रि 4 नवंबर को जापान के योकोसुका नौसैनिक अड्डे पहुंचा। जापान की समुद्री आत्मरक्षा बल ने भारतीय युद्धपोत का स्वागत किया। इस अवसर पर योकोसुका जिले के कमांडेंट वाइस एडमिरल यागी कोजी और भारतीय मिशन के उप प्रमुख आर. मधु सुदन भी मौजूद रहे। सह्याद्रि भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का हिस्सा है और गाइडेड मिसाइलों से लैस स्टील्थ फ्रिगेट है।
दो चरणों में होगा नौसैनिक अभ्यास
मलाबार-2026 का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में बंदरगाह पर पेशेवर संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान और संयुक्त अभियानों की योजना से जुड़ी गतिविधियां होंगी। इसके बाद समुद्री चरण शुरू होगा, जिसमें आईएनएस सह्याद्रि अन्य तीन देशों के युद्धपोतों और सैन्य इकाइयों के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लेगा।
हिंद-प्रशांत में सहयोग पर जोर
समुद्री अभ्यास के दौरान चारों देशों की नौसेनाएं एक-दूसरे की संचालन प्रणालियों को समझेंगी और संयुक्त रूप से अभियान चलाने की क्षमता को मजबूत करेंगी। इससे आपसी विश्वास और सैन्य समन्वय को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा स्तर पर भी बढ़ रही नजदीकी
इससे पहले फिलीपींस के सेबू में 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा नेतृत्व से मुलाकात की थी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ उनकी वार्ता में द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी पर चर्चा हुई। मलाबार में भारत की भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और भारत के महासागर विजन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।



