CHOGM में जयशंकर की तीन देशों के नेताओं से अहम मुलाकात, गुयाना को 500 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान
ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ रणनीतिक व आर्थिक सहयोग पर चर्चा, गुयाना के साथ तीन समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) 2026 के दौरान भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता के जरिए तीन देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और विकास सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा हुई।
ऑस्ट्रेलिया के साथ रणनीतिक संबंधों पर बातचीत
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ बैठक में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहा। जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर इसे सुखद बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया साझा की। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी तालमेल पहले भी चर्चा के प्रमुख विषय रहे हैं।
ब्रिटेन के साथ व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के साथ बातचीत में व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के तहत सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना इस बातचीत का प्रमुख हिस्सा रहा।
गुयाना के साथ तीन समझौतों से सहयोग को विस्तार
राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के साथ बैठक में व्यापार, ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक और क्षमता निर्माण पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों देशों ने तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की विनिर्माण परियोजनाएं, विकास परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में सहयोग शामिल हैं। इसके तहत गुयाना में यूपीआई जैसी भुगतान प्रणाली विकसित करने में भी सहयोग किया जाएगा।
विकास परियोजनाओं के लिए 500 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा
भारत ने गुयाना की विकास प्राथमिकताओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समर्थन के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की नई ऋण सुविधा देने की घोषणा की। इन पहलों से दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
CHOGM के दौरान हुई ये बैठकें भारत के रणनीतिक, आर्थिक और विकास संबंधी सहयोग को व्यापक बनाने की कूटनीतिक कोशिशों को दर्शाती हैं।



