महाराष्ट्र में सुनेत्रा पवार को मिल सकता है वित्त मंत्रालय, सीएम फडणवीस के साथ बैठक के बाद बढ़ी हलचल
एनसीपी ने दोबारा विभाग सौंपने की रखी मांग, छगन भुजबल को शीतकालीन सत्र से पहले फैसले की उम्मीद

महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अपनी दावेदारी तेज कर दी है। रविवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री और एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। बैठक में वित्त मंत्रालय दोबारा एनसीपी को सौंपने की मांग उठाई गई। पार्टी नेता छगन भुजबल के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीतकालीन सत्र से पहले इस पर फैसला हो सकता है।
देवगिरी में बैठक, फिर वर्षा पहुंचे नेता
रविवार सुबह सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास ‘देवगिरी’ पर एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक हुई। करीब दो घंटे चली इस बैठक में संगठनात्मक बदलावों और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई। इसके बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पहुंचा।
इस प्रतिनिधिमंडल में सुनेत्रा पवार के साथ पार्थ पवार, जय पवार, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल थे।
सूखे के लिए वित्तीय इंतजाम के बाद फैसला
बैठक के बाद छगन भुजबल ने बताया कि एनसीपी ने मुख्यमंत्री के सामने वित्त मंत्रालय फिर से पार्टी को देने की मांग रखी है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में सूखे से निपटने के लिए जरूरी वित्तीय व्यवस्था किए जाने के बाद विभाग सुनेत्रा पवार को सौंपा जा सकता है।
भुजबल ने शीतकालीन सत्र से पहले निर्णय होने की उम्मीद जताई। हालांकि, वित्त मंत्रालय के आवंटन को लेकर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।
विलय और मंत्रियों में फेरबदल की चर्चा खारिज
एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों पर भुजबल ने कहा कि यह मुद्दा पार्टी के एजेंडे में नहीं है और बैठक में इस पर चर्चा नहीं हुई। मंत्रियों तथा पालकमंत्रियों में बदलाव की खबरों को भी उन्होंने निराधार बताया।
अजित पवार के निधन के बाद वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि एनसीपी की मांग पर सरकार कब निर्णय लेती है।



