10 लाख की भीड़ कहां गई? राहुल गांधी पर संबित पात्रा का तीखा हमला, रैली को बताया 'अराजकता का तमाशा'
चुनाव की वैधता से लेकर 1984 के दंगों तक उठाए सवाल, विपक्ष की एकजुटता और रैली के दावों पर भी साधा निशाना

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के बाद भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रैली में जुटी भीड़ के दावों को चुनौती देते हुए पूछा कि जब 10 लाख लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी तो वे लोग कहां थे? उन्होंने राहुल गांधी के भाषण और विपक्ष के राजनीतिक एजेंडे पर भी सवाल उठाते हुए पूरे आयोजन को समय की बर्बादी बताया।
10 लाख की भीड़ के दावे पर सवाल
संबित पात्रा ने दावा किया कि रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की मौजूदगी के अनुरूप भीड़ नहीं थी। उन्होंने कहा कि मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था। उनके मुताबिक, 28 हजार कुर्सियों में से दोपहर साढ़े तीन से चार बजे के बीच करीब 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं। पात्रा ने कहा कि कई राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के एक साथ आने के बावजूद कांग्रेस अपने दावे के मुताबिक भीड़ नहीं जुटा सकी।
2024 के चुनाव को लेकर राहुल गांधी को घेरा
राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बताने वाले बयान पर भी पात्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव को लेकर आपत्ति है तो उसे न्यायालय में चुनौती दी जानी चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि वे 2024 के चुनाव के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। पात्रा ने कांग्रेस से चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका दिखाने की मांग भी की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव अवैध था तो कांग्रेस सांसदों के निर्वाचन और राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने की वैधता पर क्या रुख होगा?
1984 के दंगों का मुद्दा भी उठाया
पात्रा ने रैली की तारीख पर सवाल उठाते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए रैली की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती थी। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।
शिव की बारात वाले बयान पर पलटवार
राहुल गांधी के शिव की बारात वाले उदाहरण पर पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी न तो शिव हैं और न ही विपक्ष की रैली को शिव की बारात कहा जा सकता है। उन्होंने इसे अराजकता का तमाशा करार दिया। पात्रा ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और खरीदारी को लेकर भी तंज कसा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत किसी राजनीतिक परिवार की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के लोगों का है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे पदों तक सामान्य पृष्ठभूमि के लोगों के पहुंचने को भारतीय लोकतंत्र की ताकत बताया।



