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इजरायल में सत्ता की तस्वीर अब भी अधूरी, नेतन्याहू और आइसेनकोट के समर्थन में जुट रहे दल

राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने संसदीय गुटों से दूसरे दिन भी की चर्चा, सरकार गठन के लिए समर्थन का गणित बना निर्णायक

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: यरुशलम3 मिनट पढ़ें
इजरायल में नई सरकार के गठन को लेकर संसदीय गुटों के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करते राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग।
इजरायल में नई सरकार के गठन को लेकर संसदीय गुटों के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करते राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग।
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इजरायल में आम चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसी भी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने संसद के विभिन्न राजनीतिक गुटों के साथ परामर्श प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। दूसरे दिन की बैठकों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइसेनकोट के समर्थन में अलग-अलग दलों ने अपना रुख सामने रखा। अब राष्ट्रपति के सामने यह तय करने की चुनौती है कि किस नेता के पास सरकार बनाने की सबसे अधिक संभावना है।

छोटे दलों से शुरू हुई परामर्श प्रक्रिया

औपचारिक बातचीत मंगलवार शाम छोटे संसदीय गुटों के साथ शुरू हुई थी। इनमें रिलीजियस ज़ायोनिज्म, शस, यिसरायल बेतेनु और ज़ेहुत शामिल थे। राष्ट्रपति भवन से इन बैठकों का सीधा प्रसारण भी किया गया। बुधवार को यूनाइटेड तोराह यहूदाइज्म, ओत्ज़मा येहुदित, द डेमोक्रेट्स, राआम, द जॉइंट लिस्ट और बीयाचाद के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। इसके बाद गादी आइसेनकोट के याशर गुट और नेतन्याहू की लिकुद पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति के सामने अपना पक्ष रखा।

राष्ट्रपति तय करेंगे किसे मिलेगा मौका

इजरायल की संवैधानिक व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति प्रत्येक संसदीय गुट से पूछते हैं कि वह प्रधानमंत्री पद के लिए किस नेता का समर्थन करता है। इन सिफारिशों और राजनीतिक समीकरणों के आधार पर राष्ट्रपति उस नेता को सरकार बनाने का जनादेश देते हैं, जिसके पास बहुमत जुटाने की सबसे अधिक संभावना हो। इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी पार्टी को स्वतः पहला अवसर मिलना जरूरी नहीं है।

नेतन्याहू के समर्थन में कई दल

परामर्श के दौरान लिकुद और ओत्ज़मा येहुदित ने सार्वजनिक रूप से नेतन्याहू का समर्थन किया है। रिलीजियस ज़ायोनिस्ट पार्टी, शस और ज़ेहुत ने भी उन्हें प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में अपना रुख जाहिर किया। इससे नेतन्याहू के समर्थक खेमे को कुछ राजनीतिक आधार मिला है, लेकिन सरकार गठन के लिए जरूरी समर्थन का अंतिम समीकरण अभी स्पष्ट नहीं है।

आइसेनकोट के पक्ष में भी समर्थन

दूसरी ओर, गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले याशर गुट को भी कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिला है। द डेमोक्रेट्स, बीयाचाद और राआम ने उनके पक्ष में समर्थन जताया है। एविग्डोर लिबरमैन के नेतृत्व वाली यिसरायल बेतेनु पार्टी ने भी आइसेनकोट को सरकार बनाने के लिए अपना पसंदीदा उम्मीदवार बताया है।

कुछ दलों ने अब तक नहीं खोले पत्ते

यूनाइटेड तोराह यहूदाइज्म के भीतर भी समर्थन को लेकर एकराय नहीं दिखी। उसके देगेल हातोराह गुट के चार प्रतिनिधियों ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करने की बात कही, जबकि अगुदात यिसराएल के तीन सदस्यों ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। अरब बहुल जॉइंट लिस्ट ने भी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में राष्ट्रपति के लिए सभी गुटों की स्थिति का आकलन करना महत्वपूर्ण होगा।

आइसेनकोट की दावेदारी मजबूत मानी जा रही

शुरुआती समर्थन और संसदीय समीकरणों को देखते हुए गादी आइसेनकोट को सरकार बनाने का पहला जनादेश मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय राष्ट्रपति हर्ज़ोग ही करेंगे। 27 अक्टूबर को हुए चुनाव के बाद गठबंधन की यह प्रक्रिया इजरायल की अगली सरकार की दिशा तय करेगी। नवनिर्वाचित 26वीं संसद का पहला सत्र 10 नवंबर को प्रस्तावित है।

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