इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 600 किलो मावा और मिल्क केक की बिक्री पर रोक
दीपावली से पहले पीपली बाजार के 10 प्रतिष्ठानों में मावे की जांच, मिठाई दुकानों और कैटरर्स के यहां से भी लिए गए नमूने

दीपावली पर मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच मिलावट और गुणवत्ता पर निगरानी के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने इंदौर में जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में 5 और 6 नवंबर को शहर के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण और नमूना संग्रहण की कार्रवाई की गई। रिंग रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग में जांच के लिए लिए गए मिल्क केक और मीठे मावे का करीब 600 किलोग्राम स्टॉक मिला। विभाग ने प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने तक इस पूरी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगा दी है।
पीपली बाजार के 10 प्रतिष्ठानों में हुई जांच
6 नवंबर को खाद्य सुरक्षा टीम ने पीपली बाजार के मावा बाजार में 10 प्रतिष्ठानों पर रैपिड टेस्ट किट से मावे की प्राथमिक जांच की। इसके अलावा एयरपोर्ट क्षेत्र की मिठाई दुकानों और महेश नगर स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में संचालित सुदानी कैटर्स के यहां भी मिठाइयों की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया।
नाश्ता पॉइंट से छह नमूने लिए
टीम ने शिप्रा स्थित माय श्री नाश्ता पॉइंट एवं आइसक्रीम प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया। यहां संचालक मुकेश कुमार जाट को साफ-सफाई रखने और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिष्ठान से मीठा मावा, मावा, गुपचुप, केसर पेड़ा, मिल्क केक और सफेद पेड़ा के नमूने जांच के लिए लिए गए।
रिपोर्ट आने तक नहीं बेच सकेंगे खाद्य सामग्री
इससे पहले 5 नवंबर को रिंग रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग का निरीक्षण किया गया था। यहां कंचन श्री ब्रांड के मिल्क केक और मीठे मावे के नमूने लिए गए। दोनों उत्पादों का शेष स्टॉक लगभग 600 किलोग्राम पाया गया। उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने जांच रिपोर्ट आने तक इनके विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया।
दुकानदारों को स्वच्छता संबंधी निर्देश
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कारोबारियों को खाद्य निर्माण और भंडारण स्थलों पर साफ-सफाई रखने, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और नियमित कीट नियंत्रण कराने की हिदायत दी है। मिठाइयों को खुला रखने के बजाय ढककर सुरक्षित परिस्थितियों में रखने तथा अनुमेय खाद्य रंगों का सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने को कहा गया है। मिठाइयों पर खाद्य उपयोग योग्य अच्छी गुणवत्ता का चांदी का वर्क लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य प्रतिष्ठानों से एकत्र किए गए नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक मनोज पुष्प के निर्देशन और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दीपावली तक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और जांच का सिलसिला जारी रहेगा।



