दशहरे पर उज्जैन से अयोध्या के लिए निकले दिग्विजय सिंह, 950 किमी की होगी पदयात्रा
पत्नी अमृता राय भी साथ, मंदिरों में पारदर्शिता का मुद्दा उठाएंगे

विजयदशमी के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ उज्जैन से शुरू हुई। करीब 950 किलोमीटर की इस पदयात्रा में उनकी पत्नी अमृता राय, संत और समर्थक भी शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद निकले काफिले में भजन-कीर्तन, ढोल और धार्मिक झांकियां आकर्षण का हिस्सा रहीं। यात्रा का लक्ष्य लगभग 70 दिनों में अयोध्या स्थित भगवान राम के मंदिर तक पहुंचना है।
महाकाल दर्शन के बाद शुरू हुआ सफर
यात्रा के पहले दिन दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी अमृता राय ने महाकाल मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद चिंतामन गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। बालाजी गार्डन में संतों की मौजूदगी में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन हुआ। इसके बाद कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक कार्यक्रमों के बाद दोपहर करीब एक बजे यात्रा आगे बढ़ी।
झांकियों और भजन मंडलियों के साथ निकला काफिला
यात्रा में शिव-पार्वती की झांकी के साथ एलईडी वैन, भजन मंडलियां, बैंड दल और ढोल शामिल थे। काफिले में राष्ट्रीय ध्वज और धर्म ध्वज भी नजर आए। शिप्रा, नर्मदा, यमुना, गंगा और सरयू नदियों का जल लेकर भी लोग यात्रा में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी अमृता राय संतों व समर्थकों के साथ पैदल चले। पहले दिन यात्रा का पड़ाव उज्जैन से आगे कानीपुरा निर्धारित था।
मंदिरों के चढ़ावे में पारदर्शिता का मुद्दा
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के जरिए दिग्विजय सिंह धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं। इसके साथ ही वोट चोरी का मुद्दा भी यात्रा के प्रमुख विषयों में शामिल है। यात्रा के माध्यम से इन मुद्दों को लोगों के बीच रखने की योजना है।
70 दिनों में अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य
करीब 950 किलोमीटर की इस पदयात्रा को लगभग 70 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को उज्जैन से शुरू हुआ यह अभियान अयोध्या स्थित भगवान राम के मंदिर तक पहुंचेगा। पहले दिन धार्मिक अनुष्ठानों और संतों की मौजूदगी के बीच यात्रा की शुरुआत हुई।



