दिल्ली में प्रदर्शन के नए नियम, सीजेपी-कांग्रेस के आंदोलन के बीच पुलिस का बड़ा फैसला
तीन नए स्थल निर्धारित, शिवराज ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना

दिल्ली में धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। यह बदलाव केंद्रीय गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।
10 अक्टूबर : सीजेपी नेताओं को हिरासत में लिया
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत की। यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई थी।
11 अक्टूबर : एक साल शांति बनाए रखने की शर्त पर मिली जमानत
तीनों सीजेपी नेताओं को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उन्हें एक वर्ष तक शांति और सद्व्यवहार बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया। तीनों ने 50-50 हजार रुपये के मुचलके प्रस्तुत किए, जिसके बाद उनकी रिहाई हुई।
जंतर-मंतर की जगह तीन स्थल निर्धारित
दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर के आदेश के तहत जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया। इसके स्थान पर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में निर्धारित किया गया है। इन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आयोजकों को संबंधित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करना होगा।
12 अक्टूबर : विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोध दर्ज कराया। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर इस मुद्दे पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 अक्टूबर को भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की चुनावी हार के लिए निर्वाचन आयोग नहीं, बल्कि पार्टी का दिशाहीन नेतृत्व जिम्मेदार है। चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावों में हार के बाद अपनी कमियों की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है।
उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व की कार्यशैली, संगठनात्मक कमजोरियों और पार्टी के भीतर जारी मतभेदों की भी आलोचना की। चौहान ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए, न कि इसके लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। ये टिप्पणियां कांग्रेस के नेतृत्व और उसकी राजनीतिक कार्यशैली को लेकर चौहान का पक्ष हैं।
कानून-व्यवस्था और विरोध के अधिकार पर चर्चा
जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के फैसले पर सीजेपी ने आपत्ति जताई है। नई व्यवस्था के तहत प्रदर्शन आयोजकों को निर्धारित स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करना होगा। प्रशासन के सामने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की जिम्मेदारी भी है।



