छत्तीसगढ़ में 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता खुला, वरिष्ठता सूची जारी
25 अक्टूबर तक दावे-आपत्तियां मांगीं, दस्तावेजों में गड़बड़ी पर प्राचार्यों की जवाबदेही तय

छत्तीसगढ़ में करीब 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय ने ई-संवर्ग के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। सूची को लेकर 25 अक्टूबर तक दावा-आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इसके बाद 26 अक्टूबर तक आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम वरिष्ठता सूची भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सूची तैयार करने में किसी भी तरह की त्रुटि से बचने के लिए अधिकारियों और संस्था प्रमुखों की जिम्मेदारी भी तय की है।
वरिष्ठता सूची में कई शिक्षक संवर्ग शामिल
जारी सूची में सहायक शिक्षक एलबी, नियमित संवर्ग और शिक्षक संवर्ग के नाम शामिल हैं। इससे प्रशिक्षित स्नातक, स्नातकोत्तर उच्च वर्ग शिक्षक और प्रधान पाठकों की पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी ने संभाग के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और प्राचार्यों को निर्धारित समयसीमा में दावे-आपत्तियां मंगाने के निर्देश दिए हैं।
सूची को संबंधित संस्थानों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि शिक्षक अपने नाम और वरिष्ठता से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकें। किसी प्रकार की आपत्ति होने पर सेवा पुस्तिका और नियुक्ति आदेश की प्रमाणित छायाप्रति के साथ दावा प्रस्तुत करना होगा।
मेरिट क्रम और सेवा रिकॉर्ड की होगी जांच
विभाग ने वरिष्ठता निर्धारण में अभिलेखों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया है। वर्ष 2019 से 2022 के बीच सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षकों का व्यापम मेरिट क्रम सूची में दर्ज करना जरूरी होगा। वहीं, पारस्परिक या स्वैच्छिक स्थानांतरण कराने वाले शिक्षकों की वरिष्ठता नए सिरे से कनिष्ठ स्तर पर निर्धारित की जाएगी।
गलती मिली तो अधिकारियों पर कार्रवाई
वरिष्ठता सूची में मृत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम शामिल होने और दूसरे संभाग से आए शिक्षकों के रिकॉर्ड में विसंगतियों जैसी समस्याओं को देखते हुए विभाग ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को अभिलेखों का मिलान कर सही जानकारी भेजनी होगी।
संस्था प्रमुखों को स्थापना शाखा में स्वयं उपस्थित होकर सूची की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का जोर त्रुटिरहित वरिष्ठता सूची तैयार करने पर है, ताकि पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक विवाद न हो।



