छात्राओं की शिकायत पर घिरे बिलासपुर कलेक्टर, बोले- शिक्षकों को निलंबित करूंगा तो दूसरा कहां से लाऊंगा?
मल्हार स्कूल में शिक्षकों पर अभद्र व्यवहार के आरोप, कार्रवाई की मांग के बीच बयान पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं की शिकायतों और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच कलेक्टर संजय अग्रवाल का बयान चर्चा में है। छात्राओं ने स्कूल में कथित अभद्र व्यवहार और पढ़ाई में लापरवाही की शिकायत करते हुए संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान बातचीत में कलेक्टर ने शिक्षकों की कमी का हवाला देते हुए कहा, “सस्पेंड कर दूंगा तो दूसरा शिक्षक कहां से लाऊंगा?”
शिक्षकों के व्यवहार को लेकर छात्राओं की शिकायत
मल्हार के सरकारी स्कूल की छात्राओं ने शिक्षकों के कथित अभद्र व्यवहार और शैक्षणिक जिम्मेदारियों में लापरवाही को लेकर विरोध जताया। छात्राओं की मांग है कि उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
छात्राओं की शिकायतों के बीच कलेक्टर का बयान सामने आने के बाद सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिकायतों के निपटारे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। छात्राओं की मांग है कि शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों के साथ उनकी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाए।
शिक्षकों की कमी का दिया हवाला
छात्राओं से बातचीत के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में पहले से शिक्षकों की कमी है। ऐसे में शिक्षकों को निलंबित करने के बाद उनकी जगह दूसरे शिक्षक कहां से लाए जाएंगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर
मामले में अहम सवाल यह है कि छात्राओं की शिकायतों पर जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही मानी जा सकती है। स्कूल में सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों का निष्पक्ष निराकरण और संबंधित तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण है।



