जनशक्ति उजाला
समाचार

यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा, 19 नवंबर से सबूत दर्ज करेगी अदालत

करीब 8.95 करोड़ रुपये की कथित फंडिंग से जुड़ा मामला, पाकिस्तानी कनेक्शन की भी जांच

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: नई दिल्ली3 मिनट पढ़ें
जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक
जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक
शेयर करें:

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। नई दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया 19 नवंबर से शुरू करने का निर्देश दिया है। यह मामला कथित हवाला नेटवर्क, विदेशी फंडिंग और उस धनराशि के अलगाववादी गतिविधियों में इस्तेमाल के आरोपों से जुड़ा है। यासीन मलिक ने अदालत में अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते हुए मुकदमा लड़ने की बात कही है।

करीब 8.95 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई का मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, मामले में करीब 8,94,87,639 रुपये यानी लगभग 8.95 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई की जांच की जा रही है। आरोप है कि हवाला चैनलों और अन्य माध्यमों से धन भारत लाया गया और जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों तथा हिंसा को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया गया। इन आरोपों पर अदालत में साक्ष्यों के आधार पर विचार किया जाएगा।

सात आरोपियों में अलगाववादी नेता और कारोबारी शामिल

विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के आदेश के तहत मुकदमे का सामना करने वाले आरोपियों में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक, कारोबारी जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल राशिद शेख, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम भट, नवल किशोर कपूर और मेसर्स ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

अदालत के आदेश के अनुसार, रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 के तहत अपराध किए जाने का गंभीर संदेह बनता है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष मुकदमे की प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

हवाला नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की जांच

ED की जांच में कथित तौर पर एक ऐसे नेटवर्क का पता चलने का दावा किया गया है, जिसके जरिए धनराशि पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, नकदी पहुंचाने वाले एजेंटों के माध्यम से दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से धन मिलने और उसे अलगाववादी नेताओं तक पहुंचाने के आरोप हैं।

जांच में वित्तीय दस्तावेजों और यासीन मलिक के ईमेल खातों से मिले कथित साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। एनआईए की पूरक चार्जशीट के अनुसार, मलिक को सऊदी अरब से भी 15.75 लाख रुपये से अधिक की विदेशी रकम मिली थी।

2017 की NIA जांच से जुड़ा मामला

ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला वर्ष 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से दर्ज मूल एफआईआर से जुड़ा है। उस मामले में देशद्रोह, साजिश और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोपों की जांच की गई थी।

अब 19 नवंबर से अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज किए जाने के साथ मुकदमे की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और उनकी जांच से मामले की सुनवाई में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

47 साल में पहली बार CRPF ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड, PM मोदी ने ‘शून्य’ के मायने बताकर की सराहना

47 साल में पहली बार CRPF ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड, PM मोदी ने ‘शून्य’ के मायने बताकर की सराहना

आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण को माना अहम आधार

कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालानई दिल्ली3 मिनट पढ़ें
विकास की रफ्तार के लिए कैपेक्स जारी रहेगा, खर्च में अनुशासन भी जरूरी : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

विकास की रफ्तार के लिए कैपेक्स जारी रहेगा, खर्च में अनुशासन भी जरूरी : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

निजी निवेश को गति मिलने तक सरकारी पूंजीगत व्यय पर रहेगा जोर, वित्तीय समावेशन के अगले चरण में ऋण, बीमा और पेंशन प्राथमिकता

कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालानई दिल्ली3 मिनट पढ़ें
आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’, आधी रात के बाद टकराने का खतरा

आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’, आधी रात के बाद टकराने का खतरा

नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के दक्षिण में लैंडफॉल का अनुमान, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालाअमरावती, आंध्र प्रदेश3 मिनट पढ़ें