जनशक्ति उजाला
समाचार

300 से ज्यादा किताबें पढ़कर 22 साल की सिल्की ने लिख दिया पहला उपन्यास, अंग्रेजी किताब से की साहित्यिक शुरुआत

झाबुआ की युवा लेखिका की 121 पन्नों की किताब में आत्मखोज, प्रेम और आत्मसम्मान की कहानी

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: इंदौर/झाबुआ, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
युवा लेखिका सिल्की सोलंकी।
युवा लेखिका सिल्की सोलंकी।
शेयर करें:

सोशल मीडिया और रील्स की दुनिया में जहां युवाओं का काफी समय डिजिटल मनोरंजन में बीत रहा है, वहीं झाबुआ की 22 वर्षीय सिल्की सोलंकी ने किताबों से दोस्ती और लेखन के प्रति लगन को अपनी पहचान बनाने का माध्यम बनाया है। 300 से अधिक किताबें पढ़ने के बाद उन्होंने अपना पहला अंग्रेजी उपन्यास 'द नाइट आई चोज मायसेल्फ' लिखकर साहित्य की दुनिया में कदम रखा है। 121 पन्नों की इस पुस्तक का प्रकाशन अस्तित्व प्रकाशन ने किया है।

पढ़ने के शौक से लेखन तक का सफर

सिल्की की साहित्यिक यात्रा पढ़ने और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि से आगे बढ़ी। उन्होंने बीबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान लेखन के प्रति उनकी रुचि ने भी आकार लिया। शुरुआत शायरी और कविताओं से हुई, जिसके बाद उन्होंने अलग-अलग रचनात्मक माध्यमों के लिए लिखना शुरू किया।

शॉर्ट फिल्मों और विज्ञापनों के लिए भी किया लेखन

सिल्की ने स्वतंत्र लेखिका के रूप में शॉर्ट फिल्मों, विज्ञापनों और सोशल मीडिया कंटेंट के लिए भी काम किया है। इस अनुभव ने उनकी लेखन क्षमता को अलग-अलग विषयों और माध्यमों में अभिव्यक्त करने का अवसर दिया। अब उनका पहला उपन्यास इसी रचनात्मक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव बनकर सामने आया है।

खुद को पहचानने का संदेश देती है किताब

'द नाइट आई चोज मायसेल्फ' में आत्मखोज, यात्राओं, प्रेम, रिश्तों और आत्मसम्मान जैसे विषयों को केंद्र में रखा गया है। पुस्तक का मूल विचार अपनी पहचान और आत्मसम्मान को प्राथमिकता देने से जुड़ा है। सिल्की का मानना है कि जीवन में किसी दूसरे व्यक्ति को चुनने से पहले स्वयं को समझना और अपनी पहचान बनाए रखना जरूरी है।

झाबुआ की इस युवा लेखिका की शुरुआत बताती है कि पढ़ने की आदत किस तरह रचनात्मक अभिव्यक्ति का आधार बन सकती है। उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरक है, जो अपने विचारों को शब्दों में ढालकर एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी की 39 नई सीटें मंजूर, संख्या 322 पहुंची

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी की 39 नई सीटें मंजूर, संख्या 322 पहुंची

प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सबसे आगे हुआ संस्थान, सुपर स्पेशियलिटी की 13 सीटें भी स्वीकृत

कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालाइंदौर, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास की जिम्मेदारी उठाएंगे अधिकारी, हर स्तर पर एक केंद्र गोद लेने के निर्देश

आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास की जिम्मेदारी उठाएंगे अधिकारी, हर स्तर पर एक केंद्र गोद लेने के निर्देश

आयुक्त संदीप जी.आर. ने सुविधाएं, शाला पूर्व शिक्षा और डिजिटल व्यवस्था सुधारने पर दिया जोर

कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालाइंदौर, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
इंदौर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1.20 लाख का मावा और मीठा मावा जब्त

इंदौर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1.20 लाख का मावा और मीठा मावा जब्त

दो खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी में 11 नमूने लिए गए, प्रारंभिक जांच में मावे में मिलावट की आशंका; दीपावली से पहले बाजार की निगरानी बढ़ाई

कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालाइंदौर, मध्य प्रदेश3 मिनट पढ़ें