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ग्रामीण रोजगार योजना में लापरवाही पर लगेगी लगाम, 15 दिन में निपटानी होंगी शिकायतें

सात कार्यदिवस में जांच पूरी करने का नियम

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: नई दिल्ली3 मिनट पढ़ें
प्रतीकात्मक चित्र।
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ग्रामीण रोजगार योजना के क्रियान्वयन में होने वाली गड़बड़ियों और अन्य समस्याओं को लेकर शिकायत करने वाले लोगों को अब लंबे इंतजार से राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने शिकायतों के निपटारे के लिए समयसीमा तय करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत प्रत्येक शिकायत की जांच सात कार्यदिवस में पूरी करनी होगी, जबकि शिकायत मिलने की तारीख से अधिकतम 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना अनिवार्य होगा।

पंचायत से जिले तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी अधिनियम के अंतर्गत शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था बनानी होगी। प्रत्येक स्तर पर नामित अधिकारी शिकायत प्राप्त करने, पंजीकरण, जांच और समाधान के लिए जिम्मेदार होंगे। जिला कार्यक्रम समन्वयक पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

शिकायत दर्ज कराने के लिए कई विकल्प

योजना से जुड़े किसी भी मामले में व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से, डाक, केंद्र सरकार के निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म या टेलीफोन और हेल्पलाइन के जरिए शिकायत कर सकेगा। राज्य सरकारें इसके अतिरिक्त अन्य माध्यम भी निर्धारित कर सकती हैं। भौतिक रूप से प्राप्त शिकायतों को उसी दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा। ऐसा संभव नहीं होने पर अगले कार्यदिवस तक पंजीकरण जरूरी होगा।

पावती देना अनिवार्य, शिकायत लौटाने पर रोक

शिकायतकर्ता को पंजीकरण संख्या, प्राप्ति की तारीख और संबंधित अधिकारी के पदनाम के साथ पावती दी जाएगी। भाषा, प्रारूप, जमा करने के तरीके या प्रक्रियागत कमी के आधार पर शिकायत दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा। इससे शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया अधिक सुलभ होगी।

सात दिन में जांच, 15 दिन में कार्रवाई

शिकायत की जांच के दौरान अधिकारी संबंधित विभागों से रिकॉर्ड, दस्तावेज, रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक डेटा मांग सकेंगे। जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद निष्कर्ष दर्ज कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी। इसकी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने के साथ शिकायतकर्ता को भी देनी होगी।

समयसीमा चूकने पर उच्च अधिकारी करेंगे हस्तक्षेप

यदि निर्धारित 15 दिनों में शिकायत का समाधान नहीं होता है तो उसे राज्य सरकार की शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत अगले उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। शिकायत के निपटारे तक डिजिटल निगरानी जारी रहेगी। इसके अलावा शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत जारी आदेशों के विरुद्ध वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की अनुसूची-1 के अनुसार अपील करने का प्रावधान भी किया गया है।

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