130 से अधिक देशों की नजर भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन पर, 2 नवंबर को BRESE का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी
भारत मंडपम में जुटेंगे वैश्विक नीति निर्माता, निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि; 400 से अधिक प्रदर्शक पेश करेंगे नई तकनीकें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 2 नवंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो (BRESE) 2026 का उद्घाटन करेंगे। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से 2 से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने के अवसर तलाशना है।
500 गीगावाट के लक्ष्य के लिए बड़े निवेश की जरूरत
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी के अनुसार, भारत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 308 गीगावाट की स्थापित क्षमता हासिल कर चुका है और वर्ष 2030 तक इसे 500 गीगावाट तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2027 से 2030 के बीच करीब 220 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी।
उन्होंने ऊर्जा भंडारण सुविधाओं के विस्तार, मजबूत पारेषण नेटवर्क और घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने को भी महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन के जरिए वैश्विक निवेश, तकनीकी विशेषज्ञता और औद्योगिक क्षमताओं को भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
‘इन्वेस्ट. इनोवेट. इंस्पायर.’ होगी मुख्य थीम
सम्मेलन की थीम ‘इन्वेस्ट. इनोवेट. इंस्पायर.’ रखी गई है। इसमें मंत्रियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, उद्योगपतियों, शोधकर्ताओं और बहुपक्षीय संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा होगी। कार्यक्रम के दौरान वित्तपोषण, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण, स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण, नई तकनीकों और कौशल विकास जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
BRESE के साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की नौवीं सभा और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH) भी आयोजित होगा। इन आयोजनों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने पर विचार किया जाएगा।
नौ देश और यूरोपीय संघ बनेंगे भागीदार
ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम सम्मेलन में भागीदार के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 13 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश अपनी ऊर्जा क्षमता, नीतियों और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित करेंगे।
नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की स्थिति पर रहेगा जोर
भारत स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में विश्व में तीसरे तथा पवन ऊर्जा क्षमता में चौथे स्थान पर है। ब्लूमबर्गएनईएफ के अनुसार, जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 63.7 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश हुआ।
सम्मेलन में भारत के अनुभवों और उपलब्ध संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखने के साथ उभरती अर्थव्यवस्थाओं और ग्लोबल साउथ के देशों में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार पर भी चर्चा होगी।
400 से अधिक प्रदर्शक पेश करेंगे तकनीकी समाधान
सम्मेलन के साथ आयोजित प्रदर्शनी में भारत और विदेश के 400 से अधिक निर्माता, परियोजना विकासकर्ता, प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान हिस्सा लेंगे। यहां नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की नई तकनीकों और समाधानों का प्रदर्शन होगा। निवेशकों, कंपनियों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच कारोबार-से-कारोबार (B2B), कारोबार-से-सरकार (B2G) तथा सरकार-से-सरकार (G2G) बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
सौर ऊर्जा योजनाओं के अनुभव साझा होंगे
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की नौवीं सभा में सौर ऊर्जा के प्रसार, वित्तपोषण और क्षमता निर्माण से जुड़ी प्राथमिकताओं पर विचार होगा। भारत की पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर योजनाओं के अनुभवों के आधार पर दूसरे देशों के साथ व्यावहारिक समाधान साझा करने और संस्थागत साझेदारी मजबूत करने पर जोर रहेगा।
इसके अलावा, भारत रिन्यूएबल एनर्जी हैकाथॉन 2026 के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। आरई नेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्विज 2026 का ग्रैंड फिनाले और REGen पवेलियन की गतिविधियां भी आयोजन का हिस्सा होंगी। सम्मेलन में होने वाली बैठकों से निवेश के नए अवसर तलाशने और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद है।



