नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की तस्वीर बदलेगी, बिना बैरियर गुजरेंगे वाहन; NHAI ने तय किए नए मानक
चार लेन और उससे अधिक चौड़े हाईवे पर लागू होगी नई व्यवस्था, टोल पर जाम और इंतजार कम करने की तैयारी

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने चार लेन और उससे अधिक चौड़े राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैरियर-मुक्त टोल वसूली की व्यवस्था विकसित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार, 6 नवंबर को जारी इन निर्देशों का उद्देश्य मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) प्रणाली को बढ़ावा देना है। इसके तहत वाहनों को टोल भुगतान के लिए बैरियर पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।
टोल प्लाजा के डिजाइन के लिए तय हुए मानक
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नए दिशा-निर्देशों में टोल प्लाजा की बनावट, लेन की संख्या और व्यवस्था, ओवरहेड गैंट्री, सड़क सुरक्षा सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था और संकेतकों के लिए एक समान मानक निर्धारित किए गए हैं। इससे देशभर में टोल प्लाजा के बुनियादी ढांचे में एकरूपता आएगी।
पारंपरिक टोल की तुलना में कम होंगी लेन
नई व्यवस्था में वाहनों को भौतिक बैरियर पर रोकने की आवश्यकता नहीं होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक टोल प्लाजा की तुलना में आवश्यक टोल लेन की संख्या को भी तर्कसंगत बनाया गया है। इससे उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल होगा और वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।
नई और निर्माणाधीन परियोजनाओं में लागू होंगे नियम
NHAI के ये दिशा-निर्देश आगामी और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लागू होंगे। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के चरण में शामिल परियोजनाओं में नए मानकों को जोड़ा जाएगा। वहीं, पहले से स्वीकृत या निर्माणाधीन परियोजनाओं में संबंधित संविदात्मक प्रावधानों के अनुसार इन्हें अपनाया जाएगा।
सुरक्षा और सुविधाओं पर भी जोर
टोल प्लाजा पर पर्याप्त रोशनी, पहले से जानकारी देने वाले संकेतक और इलेक्ट्रॉनिक वैरिएबल मैसेज साइन (VMS) लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा संचालन और रखरखाव के लिए प्रशासनिक भवन तथा केंद्र विकसित करने की व्यवस्था भी दिशा-निर्देशों में शामिल है। इस पहल से टोल पर प्रतीक्षा समय, वाहनों की कतार और ईंधन की खपत कम करने के साथ हाईवे पर सफर को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।



