सरकारी कबाड़ बेचकर केंद्र को मिले 970 करोड़ रुपये, रेलवे ने अकेले जुटाए 618 करोड़
विशेष स्वच्छता अभियान में सफाई का भी बना नया रिकॉर्ड, एक महीने में करीब 20 लाख स्थानों पर चला स्वच्छता अभियान

केंद्र सरकार के विशेष स्वच्छता अभियान में इस बार सरकारी खजाने को बड़ी कमाई हुई है। देशभर में एक महीने तक चले अभियान के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों ने अनुपयोगी सामान, पुराने कबाड़ और इलेक्ट्रॉनिक कचरे का निपटान कर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए। इस मामले में भारतीय रेलवे सबसे आगे रहा, जिसने अकेले 618.06 करोड़ रुपये की राशि हासिल की। अभियान के दौरान सफाई, सरकारी कार्यालयों में जगह खाली कराने और लंबित फाइलों के निपटारे में भी उल्लेखनीय काम हुआ।
रेलवे ने सबसे ज्यादा राजस्व जुटाया
केंद्र सरकार का विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 दो से 31 अक्टूबर तक संचालित किया गया। कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2021 में वार्षिक विशेष अभियान की शुरुआत के बाद इस बार कई क्षेत्रों में अब तक का बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। कबाड़ और ई-कचरे के निपटान से हुई कुल कमाई पिछले अभियान की तुलना में करीब 16 प्रतिशत अधिक रही। इसमें ई-कचरे के निपटान से लगभग 50 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
रक्षा और कोयला मंत्रालय भी आगे
कबाड़ बेचकर राजस्व जुटाने वाले विभागों में रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग ने 88.96 करोड़ रुपये हासिल किए। कोयला मंत्रालय की कमाई 61.41 करोड़ और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की 34.81 करोड़ रुपये रही।
सफाई अभियान का दायरा बढ़ा
अभियान के दौरान देशभर में 19,88,826 स्थानों पर सफाई की गई। पिछले वर्ष यह संख्या 11,59,783 थी। इस तरह सफाई स्थलों में करीब 71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। सरकारी कार्यालयों में 277.82 लाख वर्ग फीट जगह भी खाली कराई गई, जो पिछले अभियान से लगभग 19 प्रतिशत अधिक है। इसमें कोयला मंत्रालय 1.48 करोड़ वर्ग फीट जगह खाली कराने के साथ पहले स्थान पर रहा।
लाखों शिकायतों और फाइलों का निपटारा
अभियान के तहत 9,99,168 जन शिकायतों का समाधान किया गया और 40,878 अपीलों पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा 26,79,875 भौतिक फाइलों की समीक्षा कर 15,76,828 फाइलें हटाई गईं। वहीं 9,58,864 ई-फाइलों की समीक्षा के बाद 7,01,723 फाइलें बंद की गईं।
स्कूल शिक्षा विभाग ने भी दर्ज की बड़ी भागीदारी
सफाई गतिविधियों में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 7.01 लाख से अधिक स्थानों पर अभियान चलाकर पहला स्थान हासिल किया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भी 6.52 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों और अन्य संस्थानों में स्वच्छता गतिविधियां संचालित कीं।



