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जामनगर में रुबियो का अंबानी परिवार ने किया स्वागत, रिलायंस की रिफाइनरी में अमेरिका की क्यों बढ़ी दिलचस्पी ?

वेनेजुएला के तेल से लेकर ग्रीन एनर्जी तक, दौरे के पीछे बड़े कारोबारी संकेत

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: जामनगर3 मिनट पढ़ें
जामनगर में अंबानी परिवार के सदस्यों के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो।
जामनगर में अंबानी परिवार के सदस्यों के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो।
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज की तेल रिफाइनरी का दौरा किया। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी, बेटी ईशा और बेटे अनंत अंबानी ने उनका स्वागत किया। रुबियो ने रिफाइनरी के साथ रिलायंस के वन्यजीव संरक्षण केंद्र वंतारा और ग्रीन एनर्जी परियोजना का भी जायजा लिया। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा कारोबार बढ़ाने और कच्चे तेल की रिफाइनिंग के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका की नजर जामनगर की रिफाइनिंग क्षमता पर

जामनगर स्थित रिलायंस का रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण की क्षमता रखता है। यहां पेट्रोल, डीजल सहित विभिन्न पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनकी आपूर्ति घरेलू बाजार के साथ विदेशों में भी होती है। इसी विशाल क्षमता के कारण यह परिसर वैश्विक ऊर्जा कारोबार में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

जामनगर पहुंचने से एक दिन पहले रुबियो ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता की सराहना करते हुए वेनेजुएला के कच्चे तेल के प्रसंस्करण में भारत की भूमिका बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने नेटवर्क18 से बातचीत में कहा कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले कच्चे तेल की रिफाइनिंग के लिए रिलायंस के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इससे दोनों देशों के ऊर्जा कारोबार को लाभ मिल सकता है।

टेक्सास में भी रिफाइनरी की योजना

रिलायंस की अमेरिका में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी योजनाएं भी इस दौरे के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, कंपनी टेक्सास के ब्राउनस्विले में प्रतिदिन 1.68 लाख बैरल तेल प्रसंस्करण क्षमता वाली रिफाइनरी परियोजना में साझेदारी कर रही है। इसे अमेरिकी हल्के शेल क्रूड के प्रसंस्करण के लिए तैयार करने की योजना है। परियोजना आगे बढ़ने पर अमेरिकी ऊर्जा बाजार में रिलायंस की भूमिका बढ़ सकती है।

वंतारा और हरित ऊर्जा परियोजना का भी जायजा

रुबियो ने जामनगर में रिलायंस के वन्यजीव बचाव एवं संरक्षण केंद्र वंतारा का भी दौरा किया। करीब 3,000 एकड़ में फैले इस केंद्र में 2,000 से अधिक जानवरों की देखभाल की जाती है। इसके बाद उन्होंने धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स का जायजा लिया। करीब 5,000 एकड़ में विकसित हो रही इस परियोजना में सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी तकनीकों के निर्माण की योजना है। इस पर लगभग 75,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों के लिहाज से अहम दौरा

जामनगर दौरे से पहले रुबियो मुंबई पहुंचे थे, जहां उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने भारत से अमेरिका के साथ ऊर्जा कारोबार बढ़ाने तथा अमेरिकी तकनीक और रक्षा प्रणालियों की खरीद बढ़ाने का आग्रह भी किया था।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी रहने के बीच रुबियो का रिलायंस की रिफाइनरी और ग्रीन एनर्जी परियोजना का दौरा दोनों देशों के आर्थिक एवं ऊर्जा सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह दौरा पारंपरिक ईंधन के कारोबार के साथ स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग को भी रेखांकित करता है।

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