कर्नाटक में डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए बन सकती है नई एसओपी, कर्मचारियों के सत्यापन पर जोर
गृह मंत्री ने कंपनियों और प्रतिष्ठानों के साथ बैठक के संकेत दिए

कर्नाटक सरकार ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स कंपनियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रही है। राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के अनुसार, प्रमुख कंपनियों और प्रतिष्ठानों के साथ बैठक कर कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांचने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर चर्चा की जा सकती है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है, न कि दूसरे राज्यों से रोजगार के लिए आने वाले लोगों के अधिकारों को सीमित करना।
दो युवकों से पूछताछ के बाद बढ़ी सतर्कता
कलाबुरगी में प्रियांक खरगे ने बताया कि केंद्र और राज्य की एजेंसियों तथा आंतरिक सुरक्षा प्रभाग की संयुक्त कार्रवाई में सोशल मीडिया के जरिए कथित कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में आने के संदेह पर दो युवकों को सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया था। उनके अनुसार, जांच में एक युवक का संपर्क सामने आया, जबकि दूसरे के मामले में ऐसा कोई संपर्क नहीं मिला। दूसरे युवक को लेकर आगे की जांच जारी है।
गृह मंत्री ने दावा किया कि पिछले दो से तीन महीनों में इस तरह के पांच-छह मामले सामने आए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल से जुड़े लोगों के नाम आने की बात कही गई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति का दूसरे राज्य से होना अपने आप में संदेह का आधार नहीं है।
त्योहारों के बाद कंपनियों के साथ बैठक की तैयारी
खरगे के मुताबिक, आगामी त्योहारों की छुट्टियों के बाद प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों, फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म, लॉजिस्टिक्स कारोबार, कॉफी उद्योग से जुड़े संगठनों और होम-स्टे संचालकों के साथ बैठक की जाएगी। इन संस्थानों से कर्मचारियों के सत्यापन के लिए एसओपी बनाने को कहा जा सकता है।
सरकार स्थानीय पुलिस थानों के माध्यम से पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को कम समय में पूरा करने के विकल्पों पर भी विचार करेगी। कॉफी शॉप, घरेलू कामकाज, फैक्ट्री, टेक्सटाइल मिल और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े नियोक्ताओं से भी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की उचित जांच करने की अपील की गई है।
रोजगार के अधिकार और सुरक्षा के बीच संतुलन
गृह मंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से कर्नाटक आकर रोजगार तलाशना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। केवल किसी व्यक्ति के दूसरे राज्य का निवासी होने के कारण उसे काम करने से नहीं रोका जा सकता। सरकार की चिंता संदिग्ध गतिविधियों की जांच और संस्थानों में सत्यापन व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ी है।
यदि प्रस्तावित एसओपी लागू होती है, तो कंपनियों और प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों की पहचान, पते और जरूरी पृष्ठभूमि की जांच के लिए व्यवस्थित प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। इससे नियोक्ताओं की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। हालांकि, सत्यापन व्यवस्था लागू करते समय निर्दोष कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी से बचाने और उनकी निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी अहम होगा।



