जंतर-मंतर हिंसा की जांच में अब क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट की समिति ने उठाया बड़ा कदम
पीड़ितों के लिए खुला नया रास्ता

जंतर-मंतर हिंसा की जांच में अब पीड़ितों और गवाहों की भूमिका अहम होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की उच्चस्तरीय जांच समिति ने शिकायतें, बयान और सबूत जुटाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए प्रभावित लोग अपनी बात सीधे समिति तक पहुंचा सकेंगे। पोर्टल का पता https://hpec.nic.in है और इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने तैयार किया है।
शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गोपनीय
पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग-अलग प्रारूप तैयार किए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी अपनी शिकायतें प्रस्तुत कर सकें। संवेदनशील मामलों में शिकायतकर्ता अपनी पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध भी कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य गवाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच के लिए जरूरी जानकारी जुटाना है।
पांच सदस्यीय समिति के जिम्मे जांच
जुलाई 2026 में हुई हिंसक घटनाओं की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। समिति में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस शलिंदर कौर, पूर्व सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के सेवानिवृत्त डीजीपी डॉ. एल. आर. बिश्नोई शामिल हैं।
बल प्रयोग से लेकर संपत्ति के नुकसान तक होगी पड़ताल
समिति पैलेट गन के इस्तेमाल, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बल प्रयोग, महिला प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों की जांच करेगी। समिति को जांच की प्रगति से संबंधित स्थिति रिपोर्ट समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी है।
दफ्तर में भी जमा कर सकते हैं शिकायत
ऑनलाइन सुविधा का उपयोग नहीं कर पाने वाले लोग कार्यदिवसों में दोपहर 2 से 4 बजे के बीच शिक्षा सदन, 17 राउज एवेन्यू, नई दिल्ली-110002 स्थित समिति के कार्यालय में शिकायत और दस्तावेज जमा कर सकते हैं। ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजने का विकल्प भी दिया गया है।



