अटलांटा में जयशंकर की अहम कूटनीतिक बैठक, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार पर रहेगा जोर
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बीच भारत के लिए महत्वपूर्ण होगी चर्चा, क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों से भी करेंगे मुलाकात

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को अमेरिका के अटलांटा पहुंच गए। यहां वे दो दिवसीय जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। इस बार की बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को निर्बाध बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुखता से उठेंगे। इन मुद्दों का भारत के तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और उर्वरक आयात से सीधा संबंध है।
समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर साझा चिंता
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में हो रही इस बैठक से पहले अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को बिना किसी खतरे और अतिरिक्त टोल के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखना साझा प्राथमिकता है। अधिकारी के मुताबिक, समुद्री रास्तों की निर्बाध आवाजाही केवल ऊर्जा संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि उर्वरक और खाद्य आपूर्ति के लिए भी जरूरी है।
ऊर्जा और सप्लाई चेन पर भारत की नजर
भारत दुनिया के प्रमुख तेल आयातक देशों में शामिल है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री आवाजाही में आ रही बाधाओं ने ऊर्जा सुरक्षा की चिंता बढ़ाई है। अमेरिकी अधिकारी ने ऊर्जा को वैश्विक आर्थिक विकास की बुनियाद बताते हुए इसकी सस्ती और पर्याप्त उपलब्धता पर जोर दिया। साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स, एलएनजी, तेल, उर्वरक और विनिर्माण क्षेत्र के कच्चे माल की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत बताई।
क्वाड और द्विपक्षीय बैठकों में भी होंगे शामिल
जयशंकर जी-20 बैठक के साथ क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी इस बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है। इसके अलावा जयशंकर विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और चीन की ओर से उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अमेरिका ने पोलैंड को जी-20 का पूर्ण सदस्य बनाने का समर्थन भी किया है। अटलांटा दौरे के बाद जयशंकर 1 से 4 नवंबर तक एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक में हिस्सा लेंगे।



