क्लीन एनर्जी में 20 लाख करोड़ के निवेश की संभावना, पीएम मोदी ने बताया भारत का रोडमैप
सौर ऊर्जा से ग्रीन हाइड्रोजन तक विस्तार की तैयारी, घरेलू विनिर्माण और रोजगार को भी मिलेगी नई गति

भारत आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के बड़े केंद्र के रूप में उभरने की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस दशक के अंत तक देश के क्लीन एनर्जी सेक्टर में 20 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश अवसर बनने का अनुमान है। बीते एक दशक में इस क्षेत्र में 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आ चुका है।
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध आर्थिक सुरक्षा से है। जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा भविष्य की स्थायी जरूरतों को पूरा करने का विकल्प है। भारत ने पिछले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और आधारभूत ढांचे का विस्तार कर अपनी क्षमता मजबूत की है।
गैर-जीवाश्म ऊर्जा में बढ़ी क्षमता
भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश करीब 300 गीगावॉट क्षमता तक पहुंच चुका है। बिजली की स्थापित क्षमता में 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी का लक्ष्य भी 2025 में हासिल कर लिया गया है।
65 लाख परिवारों तक पहुंची सौर योजना
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 65 लाख से अधिक परिवार सौर ऊर्जा अभियान से जुड़ चुके हैं। योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि एक अध्ययन में इन परिवारों के बिजली बिल में करीब 76 प्रतिशत तक कमी सामने आई है। पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत 30 लाख से अधिक किसानों को सौर सिंचाई की सुविधा मिली है। वहीं, 44 हजार से अधिक सरकारी इमारतें सौर ऊर्जा से जुड़ चुकी हैं।
ग्रीन हाइड्रोजन और विनिर्माण पर निवेश
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत दशक के अंत तक 50 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। दूसरी ओर, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अगले चरण में करीब दो लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश की सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता बढ़कर 200 गीगावॉट से अधिक हो गई है।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
मोदी ने बैटरी स्टोरेज, स्वदेशी तकनीक और ऊर्जा भंडारण समाधानों में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाने, सरकारी भवनों और शिक्षण संस्थानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने तथा स्टार्टअप और शोधकर्ताओं से नवाचार करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, सौर उपकरणों के निर्माण, स्थापना, रखरखाव और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के जरिए भारत स्वच्छ ऊर्जा तकनीक और विशेषज्ञता दूसरे देशों तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।



