नशामुक्त भारत की मुहिम में गायत्री परिवार की अहम भूमिका : केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार
अभियान से अब तक करोड़ों लोग जुड़े, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयासों पर दिया जोर

नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता और सामूहिक भागीदारी को मजबूत बनाने में आध्यात्मिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सोमवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में कहा कि नशामुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाने में संगठन का योगदान उल्लेखनीय है। वर्ष 2020 में शुरू हुए इस अभियान से अब तक करोड़ों लोग जुड़ चुके हैं। उन्होंने नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लेने की अपील की।
तीन शताब्दी का स्मरण
समारोह में माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जयंती, अखंड दीपक प्राकट्य के 100 वर्ष और पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की आध्यात्मिक साधना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। इसमें देश-विदेश से गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
जागरूकता अभियान में संगठन की सक्रियता
डॉ. कुमार ने कहा कि गायत्री परिवार आध्यात्मिक शिक्षा और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ा रहा है। संगठन के प्रयास नशामुक्त भारत अभियान को सामुदायिक स्तर पर विस्तार देने में सहायक हैं।
युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली के लिए प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या और संगठन के समाजसेवा संबंधी प्रयासों की सराहना की। उनके अनुसार, समारोह में हजारों लोगों की भागीदारी संगठन की लंबे समय से जारी सामाजिक सेवा का परिचायक है।
सामूहिक संकल्प से आगे बढ़ेगी मुहिम
मंत्री ने कहा कि नशे की लत से मुक्ति के लिए लिया गया सामूहिक संकल्प अभियान को नई गति दे सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए आध्यात्मिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक समूहों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।



