दलेर मेहंदी के शो पर बवाल, मंत्री सुबोध उनियाल बोले- तबीयत खराब थी तो मंच पर क्यों आए ?
लिप सिंक के आरोपों पर भड़के मंत्री, बॉलीवुड के समर्थन पर भी साधा निशाना

उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में मां कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति विवादों में घिर गई है। मंच पर उनके लाइव गाने के बजाय लिप सिंक करने की आशंका जताए जाने के बाद दर्शकों ने नाराजगी जाहिर की। मामले में हस्तक्षेप करने वाले कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अब अपनी सफाई देते हुए गायक की प्रस्तुति और उन्हें मिल रहे बॉलीवुड के समर्थन पर सवाल उठाए हैं।
‘दलेर मेहंदी को सुनने आए थे, उनकी टीम को नहीं’
मंत्री सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दलेर मेहंदी देश के बड़े और लोकप्रिय गायक हैं, इसलिए उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। हालांकि, प्रस्तुति के दौरान ऐसा लगा कि गायक खुद लाइव नहीं गा रहे हैं और पूरा कार्यक्रम ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए चल रहा है। दर्शकों की नाराजगी को देखते हुए उन्होंने एंकर के माध्यम से अपनी आपत्ति जताई।
उनियाल ने कहा कि दर्शक दलेर मेहंदी को सुनने आए थे, उनकी टीम को नहीं। उनके मुताबिक, मंच पर गायक की आवाज और चलने-फिरने में परेशानी दिखाई दे रही थी। इसी आधार पर उन्हें नशे के प्रभाव में होने का संदेह हुआ। हालांकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह नहीं कह सकते कि कथित नशा किस चीज का था और उन्होंने कोई मेडिकल जांच नहीं कराई थी।
तबीयत खराब थी तो कार्यक्रम से मना करना चाहिए था
मंत्री ने कहा कि बाद में उन्हें बताया गया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, जिसके कारण वह ठीक से बोल और चल नहीं पा रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कलाकार की तबीयत ठीक नहीं थी, तो आयोजकों और दर्शकों को पहले इसकी जानकारी देनी चाहिए थी और कार्यक्रम में आने से मना कर देना चाहिए था।
उनियाल के अनुसार, कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये पहले ही खाते में जमा कराए गए थे। इसके बाद होटल का खर्च भी दिया गया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य गायक को व्यक्तिगत रूप से ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि दर्शकों की नाराजगी को देखते हुए हस्तक्षेप करना जरूरी हो गया था। उनके मुताबिक, कलाकारों को अपने नाम और प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रस्तुति देनी चाहिए।
बॉलीवुड के समर्थन पर भी दिया जवाब
दलेर मेहंदी के समर्थन में बॉलीवुड और अन्य लोगों के सामने आने पर मंत्री ने कहा कि वे गायक के मित्र हैं और अपने संबंधों के कारण उनका पक्ष ले सकते हैं। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि कार्यक्रम में आमंत्रित गायिका सुनंदा शर्मा की तबीयत अचानक खराब होने पर उन्होंने अपनी पूरी फीस वापस कर दी थी।
मंत्री ने दोहराया कि उनका इरादा किसी बड़े कलाकार का अपमान करने का नहीं था। उनका कहना है कि दर्शकों की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रस्तुति नहीं मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और मेला समिति के अध्यक्ष होने के नाते उन्हें मंच पर हस्तक्षेप करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दलेर मेहंदी की प्रस्तुति और मंत्री की टिप्पणियों को लेकर विवाद चर्चा में है।



