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चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, बंगाल में 31 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

तटीय जिलों से पहाड़ी इलाकों तक बिगड़ सकता है मौसम, कोलकाता एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल2 मिनट पढ़ें
चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, सड़क पर गिरा विशाल पेड़।
चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, सड़क पर गिरा विशाल पेड़।
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चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के तटीय और पश्चिमी जिलों में शुक्रवार सुबह तक तथा उप-हिमालयी क्षेत्रों में शनिवार तक भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम के बिगड़ते हालात का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई उड़ानें रद्द हुईं या प्रभावित रहीं।

आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचा चक्रवात

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात बुधवार तड़के करीब 1 बजकर 20 मिनट पर आंध्र प्रदेश में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तटीय क्षेत्र तक पहुंचा। उस समय इसे अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बताया गया था। इसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि तेज झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी।

कई जिलों में भारी बारिश की आशंका

आईएमडी के अनुसार, पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा और पुरुलिया में शुक्रवार सुबह तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार सहित उप-हिमालयी जिलों में शनिवार सुबह तक तेज बारिश होने का अनुमान है।

कोलकाता में भी बारिश का दौर

मंगलवार को पश्चिम बंगाल के तटीय और दक्षिणी जिलों के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कोलकाता में मंगलवार शाम 5:30 बजे से बुधवार सुबह 8:30 बजे तक 19.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बुधवार को शहर में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

खराब मौसम के मद्देनजर कोलकाता हवाई अड्डे पर आने और जाने वाली कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं या उनके संचालन पर असर पड़ा। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। एहतियात के तौर पर मछुआरों को बृहस्पतिवार तक पश्चिम बंगाल के तट के आसपास और समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का प्रभाव बना रह सकता है।

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