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चक्रवात ‘अर्नब’ का असर कई राज्यों में, बारिश-तेज हवाओं के बीच किसानों को सतर्क रहने की सलाह

शुक्रवार तक भारी वर्षा का अलर्ट, केंद्र ने प्रभावित राज्यों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: नई दिल्ली2 मिनट पढ़ें
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी । (प्रतीकात्मक चित्र)
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी । (प्रतीकात्मक चित्र)
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बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ का असर पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।

कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने के बाद कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। झारखंड में गुरुवार को बारिश जारी रहने की संभावना है। गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा के लिए शुक्रवार सुबह तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में शुक्रवार तक भारी बारिश हो सकती है, जबकि उत्तरी पहाड़ी जिलों में शनिवार सुबह तक वर्षा का पूर्वानुमान है।

केंद्र ने दिया सहायता का भरोसा

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हैं। आपदा के प्रभाव का आकलन करने और अतिरिक्त सहायता की जरूरत तय करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें भेजी जाएंगी। केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को हरसंभव मदद देने की प्रतिबद्धता जताई है।

छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए सलाह

छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा में भारी से अति भारी वर्षा की आशंका है। किसानों से पकी खरीफ फसलों की कटाई कर उपज सुरक्षित रखने, खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करने और मौसम खराब रहने तक रबी फसलों की बुआई टालने को कहा गया है। तेज हवाओं से सब्जियों और बागवानी फसलों को बचाने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की भी सलाह दी गई है।

शिक्षण संस्थानों पर भी असर

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए झारखंड के कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों से चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

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