चक्रवात ‘अर्नब’ का ओडिशा में असर, 30 हजार से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
छह जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट, रेल सेवाओं पर भी पड़ा असर

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों को महत्वपूर्ण बताते हुए भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
छह जिलों पर प्रशासन की विशेष नजर
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को बताया कि चक्रवात का असर दक्षिणी जिलों में अधिक रहने की आशंका है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि और नबरंगपुर में निचले इलाकों तथा भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। राज्य के 30 में से 16 जिलों में बुधवार को स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए।
2,037 आश्रय स्थल तैयार, 313 बचाव दल तैनात
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 2,037 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार रखे हैं। यहां भोजन, पेयजल और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। संवेदनशील स्थानों पर 313 राहत एवं बचाव दल तैनात हैं। इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल के 60, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के नौ और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के 244 दल शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि मछली पकड़ने वाली सभी 19,143 नौकाएं तट पर लौट आई हैं। कुछ सड़कों पर एहतियातन यातायात संबंधी प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनहानि को रोकना है।
249.9 मिमी बारिश से कई इलाके प्रभावित
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, चक्रवात आंध्र प्रदेश-यानम तट से गुजरने के बाद कमजोर पड़ा, लेकिन दक्षिणी ओडिशा में व्यापक बारिश हुई। गजपति जिले के महेंद्रगढ़ में सर्वाधिक 249.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कोरापुट के पोट्टंगी में 188 मिमी और गजपति के मोहना में 168.8 मिमी बारिश हुई। गंजाम स्टेशन पर 161.4 मिमी तथा कोरापुट के सिमिलीगुड़ा में 143.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नबरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। अन्य जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।
रेलगाड़ियां रद्द, उड़ानों के मार्ग बदले
चक्रवात के कारण पूर्वी तट से गुजरने वाली 50 से अधिक रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 10 स्थानों पर पेड़ गिरने जैसी बाधाओं को तत्काल दूर कर दिया गया है और रेल संचालन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं लगभग सामान्य रहीं। हालांकि, भुवनेश्वर-जयपुर (कोरापुट)-विशाखापत्तनम मार्ग की नौ सीट वाली एक उड़ान रद्द कर दी गई। विशाखापत्तनम के प्रभावित हवाई क्षेत्र से बचने के लिए चेन्नई और हैदराबाद से आने वाली कुछ उड़ानों को रायपुर के ऊपर से वैकल्पिक मार्ग दिया गया।
आंध्र प्रदेश तट से गुजरने के बाद कमजोर पड़ा चक्रवात
आईएमडी के अनुसार, चक्रवात बुधवार तड़के दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश-यानम तट से गुजरा। उस समय हवा की निरंतर गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। सुबह 8.30 बजे तक यह कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया और हवा की गति 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।
अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है। इसके बाद यह दक्षिणी ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है। विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल के मुताबिक, कुछ दक्षिणी जिलों में पेड़ उखड़ने की सूचनाएं मिली हैं, लेकिन बुधवार तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं थी।



