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भूटान में ग्लेशियर झील फटने से बाढ़ का खतरा, बंगाल-असम के कई जिलों में अलर्ट

नदियों के जलस्तर पर निगरानी तेज, सीमावर्ती और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: गुवाहाटी/कोलकाता3 मिनट पढ़ें
भूटान में ग्लेशियर झील से निकले बाढ़ के पानी का दृश्य ।
भूटान में ग्लेशियर झील से निकले बाढ़ के पानी का दृश्य ।
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भूटान में ग्लेशियर झील फटने से आई अचानक बाढ़ ने भारत के पूर्वोत्तर और पूर्वी क्षेत्रों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर-पश्चिमी भूटान की शिंताफू झील से निकले तेज बहाव के बाद पश्चिम बंगाल और असम के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने सीमावर्ती नदियों और उनके आसपास बसे निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

गासा में झील टूटने से नदी में उफान

यह घटना गुरुवार शाम भूटान के गासा जिले में हुई। शिंताफू ग्लेशियर झील का पानी अचानक बाहर निकलने से मो छू नदी में तेज बहाव आ गया। बाढ़ की चपेट में आने से प्रसिद्ध गर्म पानी के झरने गासा त्साचू का बुनियादी ढांचा बह गया। हालांकि, एहतियात के तौर पर पहले ही क्षेत्र खाली करा लिया गया था, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। शिंताफू झील भूटान की 17 संभावित खतरनाक ग्लेशियर झीलों में शामिल है। अगस्त 2021 में भी इस क्षेत्र में आई बाढ़ से गासा त्साचू को नुकसान पहुंचा था।

भारत के सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई सतर्कता

बाढ़ का पानी पुनाखा जोंग से लगभग आठ किलोमीटर दूर काबेसा गेवोग के श्रीगंग इलाके से आगे बढ़ चुका है। इसके बाद नदी के निचले हिस्सों में संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ गई है। भूटान प्रशासन ने पश्चिम बंगाल और असम को स्थिति की जानकारी देकर सतर्क किया है। असम के धुबरी जिले के साथ पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी को संवेदनशील माना गया है। कूच बिहार प्रशासन ने संकोश नदी के आसपास रहने वाले लोगों को भी चेतावनी जारी की है। यह नदी भूटान से निकलकर ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र से जुड़ती है।

प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने को कहा

अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शॉ ने लोगों से अफवाहों और घबराहट से बचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और संबंधित एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। उनके अनुसार, अगले दो से तीन घंटों में स्थिति नियंत्रण में आने की उम्मीद है।

भूटान में सड़क और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित

अचानक आई बाढ़ ने भूटान में भी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। पुनाखा के गुमा गेवोग क्षेत्र में स्थापित सोलर सिंचाई प्रणाली आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, जोमलिंगथांग के पास पुनाखा-गासा राजमार्ग के एक हिस्से पर मलबा जमा होने से सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।

क्या है ग्लेशियर झील फटने से आने वाली बाढ़ ?

ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जिसमें ग्लेशियर के पीछे हटने से बनी झील का पानी अचानक बाहर निकलकर तेज रफ्तार से निचले इलाकों की ओर बढ़ता है। प्राकृतिक बांध टूटने, भूस्खलन, हिमस्खलन, भारी बारिश या भूकंप से ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से ऐसी झीलों और उनसे जुड़ी बाढ़ का जोखिम भी बढ़ रहा है।

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