बैंकिंग क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी, सरकार ने बनाई उच्चस्तरीय समिति
वैश्विक प्रतिस्पर्धा से लेकर एआई और पूंजी जरूरतों तक होगी समीक्षा, छह महीने में सौंपेगी सुधारों का खाका

भारत की बैंकिंग व्यवस्था को भविष्य की आर्थिक जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकार ने ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति’ का गठन किया है। समिति देश के बैंकिंग ढांचे की समीक्षा कर उसे अधिक मजबूत, आधुनिक, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए संरचनात्मक, नियामक, संस्थागत तथा कानूनी बदलावों की सिफारिश करेगी।
सुरेश एन. पटेल को सौंपी गई अध्यक्षता
पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन. पटेल समिति की अध्यक्षता करेंगे। इसके सदस्यों में भारतीय रिजर्व बैंक के उप-गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू, इंडियन बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद्मजा चुंदरू और आरबीआई के पूर्व उप-गवर्नर एन. एस. विश्वनाथन शामिल हैं। वित्तीय सेवा विभाग में बैंकिंग का प्रभार संभालने वाले संयुक्त सचिव सदस्य सचिव होंगे। समिति को अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है।
बैंकिंग ढांचे से लेकर पूंजी जरूरतों तक पड़ताल
समिति मौजूदा बैंकिंग प्रक्रियाओं और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े मानकों का मूल्यांकन करेगी। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों सहित पूरे नियामक एवं कानूनी ढांचे की समीक्षा भी इसके दायरे में होगी। वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही बेहतर बैंकिंग व्यवस्थाओं का अध्ययन कर भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल सुधारों का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
डिजिटल तकनीक और भविष्य की चुनौतियों पर नजर
बैंकों की दीर्घकालिक पूंजी जरूरतों, विकास वित्तीय संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की भूमिका का आकलन किया जाएगा। कारोबारों के लिए पूंजी की लागत में अंतर और निजी निवेश बढ़ाने के उपायों पर भी सुझाव दिए जाएंगे। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल नवाचार, साइबर सुरक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
ऋण वितरण व्यवस्था में भी बदलाव की गुंजाइश
समिति प्राथमिकता क्षेत्र ऋण व्यवस्था और लीड बैंक योजना की प्रभावशीलता की समीक्षा करेगी, ताकि बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुसार संतुलित और समावेशी ऋण वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इस समिति के गठन की घोषणा की थी। समिति सरकार की ओर से सौंपे जाने वाले अन्य विषयों पर भी सुझाव देगी।



