11 करोड़ किसानों की डिजिटल पहचान तैयार, तय समय से पांच महीने पहले पूरा हुआ लक्ष्य
योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव

केंद्र सरकार ने देश में 11 करोड़ किसानों की विशिष्ट डिजिटल पहचान यानी फार्मर आईडी तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित समय से पांच महीने पहले हासिल कर लिया है। कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कामयाबी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-समृद्ध किसान’ के विजन से जोड़ते हुए केंद्र और राज्यों के साझा प्रयासों का परिणाम बताया।
सरकार ने इस लक्ष्य को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का समय निर्धारित किया था, लेकिन कृषि मंत्रालय, राज्य सरकारों और मैदानी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के समन्वय से 23 अक्टूबर की रात तक ही 11 करोड़ फार्मर आईडी तैयार कर ली गईं।
सरकारी योजनाओं तक पहुंच होगी आसान
फार्मर आईडी के जरिए किसानों की पहचान और उनके सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि मंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था से किसानों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने और सरकारी कार्यालयों या बैंकों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। इससे समय और खर्च बचाने के साथ बिचौलियों की भूमिका सीमित करने में भी मदद मिलेगी।
इस डिजिटल पहचान का फायदा बैंक ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की प्रक्रिया में मिल सकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान के आकलन और मुआवजा भुगतान में पारदर्शिता बढ़ाने, आपदा राहत पात्र किसानों तक पहुंचाने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीद की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने में भी यह व्यवस्था उपयोगी होगी।
छह करोड़ से अधिक किसानों को सीधा लाभ
डिजिटल कृषि मिशन के तहत विकसित किए जा रहे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से अब तक छह करोड़ से अधिक किसानों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ दिए जाने की जानकारी दी गई है। इस मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर 2024 को मंजूरी दी थी।
सत्यापित किसान डेटाबेस के इस्तेमाल से फर्जी लाभार्थियों की पहचान करने और बार-बार सत्यापन की जरूरत घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने का रास्ता खुलता है।
राज्यों के सहयोग से आगे बढ़ी पहल
शिवराज सिंह चौहान ने इस कामयाबी का श्रेय केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों को दिया। उन्होंने जिला स्तरीय टीमों और गांवों में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बटाईदार किसानों तथा वास्तविक जोतदारों को निर्धारित नियमों के तहत इस व्यवस्था से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि पात्र किसानों को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।



