जनशक्ति उजाला
समाचार

मध्यप्रदेश के 20 स्थानों पर शुरू होंगे वेलनेस सेंटर, आयुर्वेद को बढ़ावा देने पर जोर

इंदौर के अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में ‘अद्वैत-2026’ का समापन, विद्यार्थी सम्मानित

लेखक: कपिल माखीजा, जनशक्ति उजालास्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश2 मिनट पढ़ें
इंदौर के शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव ‘अद्वैत-2026’ के समापन समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित करते अतिथि।
इंदौर के शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव ‘अद्वैत-2026’ के समापन समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित करते अतिथि।
शेयर करें:

मध्यप्रदेश में आयुर्वेद और वेलनेस सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 20 स्थानों पर वेलनेस सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन के माध्यम से इन केंद्रों की शुरुआत की जा रही है। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने सोमवार, 19 अक्टूबर को इंदौर के शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव ‘अद्वैत-2026’ के समापन समारोह में यह जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

आयुर्वेद में शोध और नवाचार पर जोर

प्रमुख सचिव शोभित जैन ने कहा कि आयुष विभाग आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। इस क्षेत्र में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी दस वर्ष आयुर्वेद के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इसकी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को लगातार प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास करें और असफलता मिलने पर हतोत्साहित न हों।

आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने की अपील

कार्यक्रम के विशेष अतिथि शिक्षाविद डॉ. प्रकाश शास्त्री ने कहा कि आयुर्वेद की जड़ें भारत में हैं और इसे मुख्यधारा में लाना सभी का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से सेवा भाव और संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की। साथ ही स्क्रीन टाइम नियंत्रित करने और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक को ही सफलता का पैमाना नहीं मानने की सलाह दी।

आयुष संचालनालय के उप संचालक डॉ. राजीव मिश्रा ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के दस्तावेजीकरण, शोध और नवाचार में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

महाविद्यालय में शुरू होंगे तीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीतपाल सिंह चौहान ने बताया कि संस्थान में इस वर्ष तीन विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में पंचकर्म, नेत्र रोग और ओजोन थेरेपी से जुड़ी चिकित्सा सुविधाएं हैं। मरीजों के उपचार के लिए शाम के समय भी ओपीडी संचालित की जा रही है।

महाविद्यालय के हर्बल गार्डन में विभिन्न प्रजातियों के 400 पौधे हैं। संस्थान ने एक निजी गार्डन को भी गोद लिया है, जहां औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।

समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर आयुष विभाग की संयुक्त संचालक मीना भायल, डॉ. अखिलेश भार्गव, लोकेश जोशी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

शेयर करें: