पैरा एशियाई खेलों में भारत का दमदार प्रदर्शन, 62 पदकों तक पहुंचा आंकड़ा; खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
तीन दिनों में 14 स्वर्ण, 22 रजत और 26 कांस्य पदक; एथलेटिक्स से लेकर निशानेबाजी और तैराकी तक भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

जापान के आइची-नागोया में आयोजित पैरा एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार, 21 अक्टूबर की शाम तक भारत ने कुल 62 पदक अपने नाम कर लिए थे। इनमें 14 स्वर्ण, 22 रजत और 26 कांस्य पदक शामिल हैं। प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, निशानेबाजी, तैराकी, जूडो, पावरलिफ्टिंग, तीरंदाजी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। 21 अक्टूबर को ही भारत ने पांच स्वर्ण पदक जीते।
स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी
भारत के लिए निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। एथलेटिक्स में निषाद कुमार ने पुरुषों की लंबी कूद टी47 और ऊंची कूद टी47 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। सौम्या कुमार ने महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 दौड़ और रिंकू हुड्डा ने पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण जीता।
20 अक्टूबर को दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर टी20 दौड़, प्रणव सूरमा ने पुरुषों की चक्का फेंक एफ51-53 स्पर्धा, सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 दौड़ और देवेंद्र कुमार ने पुरुषों की चक्का फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।
21 अक्टूबर को सचिन खिलारी ने पुरुषों की गोला फेंक एफ46, सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर टी12, दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी45, प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी64 और आयुष वर्मा ने पुरुषों की गोला फेंक एफ53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। सिमरन का यह प्रतियोगिता में दूसरा स्वर्ण पदक रहा
रजत पदक जीतने वालों में ये नाम शामिल
भारत की ओर से निशानेबाजी में अवनि लेखरा और मनीष नरवाल ने रजत पदक जीते। जूडो में कोकिला कौशिकलेट, तैराकी में रवि बुडिगिना, एथलेटिक्स में राधा वेंकटेश, अजीत सिंह यादव, प्रदीप कुमार, राम रतन सिंह, प्रीति पाल और राकेश कुमार ने रजत पदक हासिल किए। पावरलिफ्टिंग में अशोक मलिक भी दूसरे स्थान पर रहे।
21 अक्टूबर को पुरुषों की गोला फेंक एफ46 स्पर्धा में मोहम्मद यासिर, पुरुषों की 100 मीटर टी45 दौड़ में मोहम्मद बासिल और ऊंची कूद टी64 में बंटी ने रजत पदक जीते। महिलाओं की 100 मीटर टी35 दौड़ में प्रीति पाल, पुरुषों की भाला फेंक एफ12-एफ13 स्पर्धा में मनजीत, महिलाओं की गोला फेंक एफ34 में भाग्यश्री जाधव और पुरुषों की 400 मीटर टी35-टी38 दौड़ में अकीरा बनोथु ने भी रजत पदक हासिल किए।
पैरा तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिलाओं की कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक जीता। महिला पावरलिफ्टिंग में कस्तूरी राजमणि और पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 तैराकी स्पर्धा में रवि बुडिगिना ने भी रजत पदक अपने नाम किया।
कांस्य पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी
पहले दिन जूडो में कपिल परमार, एथलेटिक्स में रवन्नी वलसानैनी ने कांस्य पदक जीते। 20 अक्टूबर को टेबल टेनिस में भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची पांडे, बेबी साहाना रवि और जेहान मदान ने कांस्य पदक हासिल किए। इसी दिन एथलेटिक्स में आयुष वर्मा, प्रवीण शर्मा, तेजलबेन डामोर, निरंजन मुकुंदन, प्रदीप कुमार और होकाटो होटोजे सेमा ने भी कांस्य पदक जीते। निशानेबाजी में सृष्टि अरोड़ा और तैराकी में हिमांशु नंदल ने कांस्य पदक हासिल किया।
21 अक्टूबर को पुरुषों की गोला फेंक एफ46 स्पर्धा में परवीन, पुरुषों की भाला फेंक एफ55 में सुखचैन, पुरुषों की 100 मीटर टी64 में प्रणव देसाई, 100 मीटर टी35 में अनुभव चौधरी और 100 मीटर टी37 में राकेश भट्ट ने कांस्य पदक जीते। पुरुषों की गोला फेंक एफ40 स्पर्धा में रवि रोंगाली, 1500 मीटर टी12-टी13 दौड़ में शरथ माकनहल्ली और लंबी कूद टी42-टी61-टी63 में शैलेश कुमार ने भी पदक हासिल किए।
महिलाओं की चक्का फेंक एफ55 स्पर्धा में करमज्योति, पुरुषों की चक्का फेंक एफ37 में हनेय ने कांस्य पदक जीते। पैरा बैडमिंटन में अल्फिया जेम्स और पल्लवी के की जोड़ी ने महिला युगल डब्ल्यूएच1-डब्ल्यूएच2 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। तैराकी में हिमांशु नंदल और रोहित कुमार ने भी कांस्य पदक अपने नाम किए।
एथलेटिक्स बना पदकों का बड़ा आधार
प्रतियोगिता में एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए पदक जुटाने वाला प्रमुख खेल रहा है। दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक जैसी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पदक जीते। इसके साथ ही निशानेबाजी, तैराकी, जूडो, पावरलिफ्टिंग, तीरंदाजी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
पैरा एशियाई खेल 2026 का आयोजन 18 से 24 अक्टूबर तक जापान में हो रहा है। प्रतियोगिता के अभी कई दिन बाकी हैं और भारतीय दल के पास अपनी पदक संख्या बढ़ाने का अवसर है।



